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डिजिटल दौर में प्रदेश में इ-स्टाम्प सेवा बंद , सरकार ने ये गिनाए थे फायदे

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डिजिटल दौर में प्रदेश में इ-स्टाम्प सेवा बंद

उदयपुर . प्रदेश में चार दिन पहले इ-स्टाम्प सेवा बंद कर दी गई है। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग, अजमेर ने 21 जुलाई 2018 की रात से ही इ-स्टाम्प सेवा बंद कर दी है। योजना को तकनीकी रूप से संचालित कंपनी स्टॉक हॉल्डिग कारर्पोरेशन के साथ सरकार का अनुबंध खत्म होने के साथ ही यह सर्विस रुक गई। डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने की सोच से शुरू की गई यह योजना बंद होने से आमजन और ई-मित्र संचालकों को इ-स्टाम्प को लेकर परेशानी हो रही है। सरकार के स्तर पर कोई वैकल्पिक नहीं की गई है।इ-स्टाम्प की अनिवार्यता के बाद इनके उपलब्ध नहीं होने से लोग ई-मित्र केन्द्रों के चक्कर लगा रहे, वहीं ई-मित्र संचालकों को पंजीयन विभाग से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। बस यही बताया जा रहा है कि यह सेवा बंद कर दी गई। ई-मित्र संचालकों का कहना है कि इ-स्टाम्प सेवा बंद करने के बाद अभी सरकार ने कोई निर्देश नहीं दिए कि आगे कैसे क्या करना है। उनकी अमानत राशि का क्या होगा।

इनके लिए मान्य था इ-स्टाम्प
इ-स्टाम्प शपथ पत्र, वसीयत, इकरारनामा, विक्रय पत्र, गिफ्ट डीड, लेन-देन, किराया चि_ी, विद्युत व पानी कनेक्शन, नगर निगम व यूआईटी आदि के सभी दस्तावेजों के लिए मान्य था। अब तक स्टाम्प पेपर 50, 100, 500, 1000 रुपए अंकित मूल्यों वाले आते थे लेकिन किसी जगह यदि केवल 210 रुपए की कीमत का स्टाम्प लगाना है तो वह 250 रुपए का स्टाम्प खरीदता था लेकिन इ-स्टाम्प के बाद वह 210 रुपए का ही इ-स्टाम्प खरीद सक रहे थे।

सरकार ने ये गिनाए थे फायदे
- जिस कीमत का इ-स्टाम्प चाहिए सीधे उसी कीमत का स्टाम्प खरीद सकेंगे

- यह पुरानी तारीख में जारी नहीं किया जा सकेगा जिससे जालसाजी पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा सकेगी

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कहना है..
अभी इ-स्टाम्प का कार्य इ-ग्रास चालान से पूरा किया जा रहा है। जिनके इ-स्टाम्प 21 जुलाई की मध्यरात्रि तक जनरेट हो गए वे छह महीने तक काम ले सकेंगे। आगे क्या रहेगा, यह सब अजमेर मुख्यालय से निर्देश आने पर ही बता सकते हैं।

- कविता पाठक, डीआईजी-पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग (उदयपुर)


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