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एलिवेटेड रोड: पिलर फाउंडेशन के लिए खुदाई कर की टेस्टिंग, अधिकांश जगह पथरीली जमीन

उदियापोल पर निकला पुराना नाला, कलक्टर के आवास के आगे तक करेंगे टे​स्टिंग

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उदियापोल पर टे​स्टिंग के लिए खुदाई करते हुए

उदयपुर. सिटी स्टेशन से कलक्टर के बंगले तक प्रस्तावित टू लेन एलिवेटेड रोड के लिए उदियापोल तक टेस्टिंग का काम हो गया। इनमें फाउंडेशन के वजन के लिए कितनी खुदाई करनी है, वह तकनीकी रूप से सभी जगह ​टे​स्टिंग कर देखा जा रहा है। अब तक सिटी स्टेशन से उदियापोल 10 से 12 फीट पर ही पथरीली जमीन आ गई, लेकिन उदियापोल पर कोई पुराना नाला निकलकर आया है, खुदाई में वहां रेती निकली है। कलक्टर के आवास तक इस टे​स्टिंग की खुदाई का काम होगा, यह काम पूरा होते ही संबंधित फर्म फाउंडेशन के लिए खुदाई का काम करते हुए भराई करेगी।

एलिवेटेड रोड करीब ढाई किलोमीटर लम्बा सिंगल पिलर पर खड़ा होगा। इसकी चौड़ाई थ्री लेन के बराबर होगी, लेकिन यह टू लेन ही कहलाएगा। तोरण बावड़ी व देहलीगेट पर 90 डिग्री के कर्व होंगे, यहां इसकी चौड़ाई बढ़ाई जाएगी। दोनों ही जगह जयपुर व दिल्ली में बने एलिवेटेड रोड की तरह ही दो बीम पर पोर्टम फ्रेम के जरिए काम किया जाएगा। इस पूरे मार्ग पर करीब 137 करोड़ का खर्च आएगा। यह मार्ग नेशनल हाइवे की श्रेणी में नहीं आकर शहरी मार्ग कहलाएगा।

यह रहेगा एलिवेटेड रोड का स्वरूप

- 2.5 किलोमीटर के करीब एलिवेटेड की लम्बाई होगी

- 12 मीटर आउटर टू आउटर एलिवेटेड रोड की होगी चौड़ाई

- 01 पिलर पर ही एलिवेटेड रोड खड़ा होगा, लेकिन कर्व पर चौड़ाई बढ़ेगी

- 90 डिग्री के दो कर्व है, जहां आइआरसी के तहत चौड़ाई बढ़ाई जाएगी

- 02 कर्व तोरण बावड़ी व देहली गेट पर रहेंगे, जहां सिंगल पिलर नहीं होंगे

- 02 कर्व वाले स्थान पर पोर्टल फ्रेम होगी, यानी दूर दो कॉलम होंगे

- 137 करोड़ के करीब पूरे प्रोजेक्ट पर खर्चा आएगा