9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मध्य यूरोप व उत्तरी अफ्रीका का दुर्लभ बिटर्न पक्षी नजर आया राजस्‍थान के बर्ड व‍िलेज में, पक्षीव‍िदाेें ने बताया अच्‍छा संकेत

Migratory birds यूरेशियन बिटर्न पक्षी को रास आई मेवाड़ की आबोहवा, यूरोप व अफ्रीका पर्यावरण संघ ने इसे संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल कर लिया है

2 min read
Google source verification
dk18menar01_black_bittern.jpg

उमेश मेनार‍िया/ मेनार . मध्य यूरोप व उत्तरी अफ्रीका का रहवासी दुर्लभ यूरेशियन बिटर्न पक्षी को उदयपुर संभाग में सर्वाधिक बार menar village मेनार में दिखाई दिया है। घास में छुपकर रहने वाला यह शर्मिला पक्षी प्रतिवर्ष अपनी उपस्थिति दर्ज करवाता है।
बगुला पक्षी की उपप्रजाति में शामिल यूरेशियन बिटर्न या ग्रेट बिटर्न की लगातार कम हो रही संख्या से इसको विलुप्त प्राय: माना जा रहा है। यूरोप व अफ्रीका पर्यावरण संघ ने इसे संकटग्रस्त श्रेणी में शामिल कर लिया। गहरे भूरे व सुर्ख लालिमा रंग वाला ग्रेट बिटर्न पक्षी साइबेरियन आईलैंड के अलावा स्वीडन, फिनलैंड में मिलता है। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष Migratory birds पक्षियों का अधिक संख्या में आना और दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों का दिखाई देना अच्छा संकेत है। यूरेशियन बिटर्न पक्षी को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर विजेंद्र प्रकाश परमार, आलोक कुमार, निरामया, विशाल महाजन के दल ने कैमरे में कैद किया।

मेवाड़ में लगातार दर्ज हो रही है इसकी आमद
ग्रेट बिटर्न पक्षी उदयपुर संभाग में 2007 के बाद 2013-14 में नगावली तालाब पर दिखाई दिया था। 2015-16 में वल्लभनगर बांध से निकलने वाली नहर और माल क्षेत्र में देखा गया। इसके बाद इस पक्षी की 2017 में मेनार के धण्ड तालाब, 2018 में मेनार के माल क्षेत्र एवं इस बार जोरजी का खेड़ा में पक्षी की आमद दर्ज हुई है।

घंटों चुपचाप बैठा रहता यह है पक्षी
यह पक्षी यूरोप के ठंडे प्रदेशों से लेकर जापान तक प्रजनन करता है। यह उन जलाशयों पर बसेरा डालना पसंद करता है, जहां ऐरा घास के सघन झुरमुट पानी के किनारे उगते हैं। यह पक्षी घास के झुरमुट में छिपकर गर्दन और चोंच को ऊपर की तरफ तानकर बैठा रहता है। घास के बीच आसानीपूर्वक नजर नहीं आता है। यह पक्षी घंटों चुपचाप बैठा रहता है तथा व्यवधान होने पर उड़ते समय हुए भी कोई आवाज नहीं करता है। यह पक्षी अकेला रहना पसंद करता है। प्रजनन काल में नर बिटर्न गूंजती हुई बूम-बूम की आवाज निकाल कर मादा को रिझाता है। वैज्ञानिक भाषा में इस पक्षी को बूटोरस स्टेलेरिस कहा जाता है।
पोल पेट्रिक कुलेन, पक्षीविद आयरलैंड

बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग