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मोहन से मसीहा नाट्य मंचन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के बचपन से शुरू होकर उनके शहीद होने तक का घटनाक्रम

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मोहन से मसीहा नाट्य मंचन ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

उदयपुर. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में रविवार को डॉ. लईक हुसैन लिखित एवं निर्देशित नाटक मोहन से मसीहा का मंचन हुआ। इसमें कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।केंद्र निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि मंचन केंद्र सरकार के मेरी माटी-मेरा देश अभियान के तहत किया जा रहा है। नाटक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बचपन से शुरू होकर उनके शहीद होने तक का घटनाक्रम प्रस्तुत करता है। इसमें सत्य और अहिंसा के लिए किए गए कार्य, दक्षिण अफ्रीका की घटना, भारत वापसी, स्वतंत्रता संघर्ष, विभाजन की त्रासदी के लिए उनके हृदय की वेदना तथा पीड़ित एवं सताए गए लोगों के लिए किए गए संघर्ष के साथ उनके शहीद होने तक की यात्रा को मार्मिक तरीके से प्रस्तुत किया। साथ ही भारत की स्वतंत्रता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मावजी भाई, महादेव भाई, सुशीला नायर, जलियांवाला बाग जैसे अनेक शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

नाटक के किरदारों में प्रबुद्ध पाण्डे, दिव्यांशु नागदा, पायल मेनारिया, चिन्मयी चतुर्वेदी, हुसैन आर.सी., प्रियल जानी, पूनम कंवर देवड़ा, स्पंदन सोनी, विशाल चित्तौड़ा, भवदीप जैन, प्रखर भट्ट, कृतिका स्वर्णकार, मानद जोशी, विधी शुक्ला, विपुल सुखववाल, सुधांशु आदा, रमेश नागदा, कल्याण वैष्णव, आरसी देवेन्द्र, खुशी पारवानी, जुजर नाथद्वारा, गितीश पाण्डे, दिविशा पालिवाल द्वारा प्रस्तुति दी गई।