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हर स्कूल के दो शिक्षक होंगे `हेल्थ एम्बेसेडर’ दो बच्चे `हेल्थ मेंसेंजर’

स्कूलों में हेल्थ वेलनेस का नया सेटअप स्कूलों के स्वास्थ्य का बदलेगा ढांचा स्वास्थ्य विभाग के साथ जुड़कर आरएससीइआरटी करेगा काम

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education: मॉडल स्कूलों में पढऩे रुचि नहीं दिखा रहे विद्यार्थी, जानें वजह

लंबे समय से बंद पड़े स्कूल फिर हुए विद्यार्थियों से गुलजार,लंबे समय से बंद पड़े स्कूल फिर हुए विद्यार्थियों से गुलजार,education: मॉडल स्कूलों में पढऩे रुचि नहीं दिखा रहे विद्यार्थी, जानें वजह

अब चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में हेल्थ वेलनेस का नया सेटअप तैयार होने जा रहा है। ये स्कूलों में स्वास्थ्य का ऐसा ढांचा होगा जो बच्चों को ना सिर्फ शारीरिक बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करेगा। इन्टरनेट, सोशल मीडिया व स्टडी स्ट्रेस के दखल वाले इस दौर में बढ़ती उम्र के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक व अन्य बदलावों के बीच बच्चों का स्वास्थ्य कैसे बेहतर बना रहे, इसके लिए सरकार ने यह नई तैयारी की है। चिकित्सा विभाग के साथ मिलकर आरएससीइआरटी (राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उदयपुर) पूरे राज्य की स्कूलों के लिए चयनित 11 बिन्दुओं को पाठ़यक्रम में जोड़ते इसे नया रूप देगा।

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इन्ट्रेक्टिव पियर ग्रुप होंगे तैयारआरएससीइआरटी के एसोसिएट प्रोफेसर कमलेन्द्र सिंह राणावत ने बताया कि स्कूल में दो बच्चों को हेल्थ मेसेंजर व दो शिक्षकों को हेल्थ एम्बेसेडर बनाया जाएगा। ये इन्ट्रेक्टिव पियर ग्रुप तैयार होगा। यदि कोई बीमार है तो इसकी जानकारी मेंसेजर एम्बेसेडर्स को जानकारी देंगे, ताकि समय पर इन बच्चों को उपचार मिल सके। शिक्षकों के लिए आरएससीइआरटी विशेष प्रशिक्षण बुक्स तैयार करेगा, इससे बच्चों की बीमारी को समझकर स्कूल व स्वास्थ्य विभाग के बीच पूल बनेगा। स्कूलों में प्रत्येक मंगलवार को स्कूल हेल्थ एण्ड वेलनेस डे आयोजित होगा।

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जोडे़ दो नए जिले, अब नौ जिलों में लागू, जल्द पूरे स्टेट में

एसोसिएट प्रोफेसर आभा शर्मा ने बताया कि मॉडल कार्यक्रम 3 फरवरी, 2021 को पांच जिलों बारां, धौलपुर, जैसलमेर, करौली, सिरोही में शुरू किया गया था। इसके बाद इसमें बून्दी व उदयपुर शामिल किए गए है। अब इसमें राजसमंद व बांसवाडा जिले जोडे़ गए हैं। जल्द चरणबद्ध राज्य के सभी उप्रा, मावि व उमावि में यह संचालित होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के सुझाव पर इसे शुरू किया गया है। इसका उददेश्य स्कूली बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त करना है। शिक्षा मंत्रालय तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संयुक्त रूप से आयुष्मान भारत के तहत स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम की शुरुआत की है। केन्द्र स्तर पर एनसीइआरटी व राज्य स्तर पर आरएससीइआरटी इस कार्यक्रम का समन्वय कर रहे हैं।-

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ये है 11 बिन्दु- स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना

- प्रजनन स्वास्थ्य और एचआइवी की रोकथाम

- पोषण स्वास्थ्य और स्वच्छता

- पदार्थ के दुरुपयोग की रोकथाम और प्रबंधन

- भावनात्मक कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य

- पारस्परिक संबंध

- स्वस्थ बढ़ना

- मूल्य और जिम्मेदार नागरिकता

- जेंडर समानता

- हिंसा और चोटों से सुरक्षा

- इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना

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फिलहाल ये सेअटप...कुल प्रशिक्षित हेल्थ एम्बेसेडर - 9500

सात जिलों के कुल स्कूल 4750कुल एसआरजी संख्या-81

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अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) पवनकुमार गोयल के निर्देशानुसर स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग मिलकर स्कूल हेल्थ व वेलनेस पर कार्य करेंगे। 11 बिन्दुओं को पाठयक्रम से जोड़कर नया रूप देंगे। साथ ही हर बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहे इसके लिए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाए जाएंगे, जिससे बच्चे के स्वास्थ लेवल का आकलन हो सके।

प्रियंका जोधावत, निदेशक, आरएससीइआरटी, उदयपुर