
अगर इस 15 करोड़ जमीन की बात ना होती तो उदयपुर में स्टाम्प वेंडर पर नहीं होती दिनदहाड़े फायरिंग
मोहम्मद इलियास / उदयपुर . मधुवन स्थित पंजीयन एवं मुद्रांक कार्यालय के बाहर सोमवार दिनदहाड़े युवकों ने एक स्टाम्प वेंडर पर फायर कर दिया। वेंडर सहित वहां मौजूद लोग एकबारगी इधर-उधर भागे। गोली वेंडर के बिल्कुल नजदीक से निकलने से वह बाल-बाल बच गया। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपित वहां से भाग छूटे।
हाथीपोल थाना पुलिस ने माली कॉलोनी सूरजपोल निवासी सोहनपुरी पुत्र नंदपुरी गोस्वामी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया। परिवादी ने रिपोर्ट में अपने साढ़ू के पुत्र व उसके साथियों पर शंका जाहिर की। प्रारंभिक जांच में परिवादी ने फायरिंग के पीछे हिरणमगरी माली कॉलोनी में 15 करोड़ की बेशकीमती विवादित जमीन का विवाद बताया है। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
सोहनपुरी गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि वह रजिस्ट्री कार्यालय (द्वितीय) के बाहर ही स्टाम्प वेंडर है। दोपहर में वह कार्यालय के बाहर परिसर में फोटो कॉपी करवाकर लौट रहा था तभी पीछे से किसी युवक ने उसे आवाज लगाई। पीछे मुडकऱ देखा तो एक युवक पिस्टल तानकर खड़ा था। वह तुरंत ही कार्यालय के अंदर भागा तभी आरोपित ने फायर कर दिया। गोली उसके पास से होकर निकल गई। फायर की आवाज सुनते ही मौके पर जमा लोग डर के मारे इधर-उधर हो गए।
फायरिंग के बाद युवक दूर खड़े साथी के साथ मोटरसाइकिल पर भाग छूटा। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां से कारतूस का खाली खोल व आवश्यक साक्ष्य लिए।
सोहनपुरी ने फायरिंग के पीछे साढ़ू के पुत्र नरेशपुरी गोस्वामी पर शंका जताई। सोहनपुरी ने बताया कि उसके ससुर मोहनपुरी की माली कॉलोनी में जमीन का विवाद चल रहा है। ससुर का सहयोग करने के कारण आरोपित पूर्व में आजम खां व मुकेश जैन के साथ मिलकर धमकियां दे चुका है। इस संबंध में उसने अलग से हाथीपोल थाने में एक माह पहले रिपोर्ट दी थी। पुलिस ने नरेश की तलाश की तो वह अपने ठिकाने पर नहीं मिला।
15 करोड़ की जमीन का है मामला
सोहनपुरी ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर मोहनपुरी के नाम से माली कॉलोनी 100 फीट रोड पर 3 बीघा जमीन है। इस जमीन की साढ़ू के पुत्र नरेशगिरी ने फर्जी पावर ऑफ एर्टोनी से उसकी मां भागवंतीदेवी के नाम से रजिस्ट्री करवाकर विवादित कर दिया। उसके बाद दो बीघा जमीन मुकेश जैन की पत्नी भावना व राजेश की पत्नी आरती के नाम से रजिस्ट्री करवा दी।
इस संबंध में हाथीपोल थाने में वर्ष 2016 में मुकदमा दर्ज हुआ। मामले में पुलिस ने नरेश व उसकी मां भागवंती को गिरफ्तार किया। यह मामला लंबित होने के बीच ही फाइल सीआईडी सीबी क्राइम ब्रांच जयपुर रेफर कर दी गई। मामले में राजेश उसके ससुर मोहनपुरी के पक्ष में रजामंद हो गया लेकिन मुकेश व नरेश अभी भी विवादित जमीन पर कब्जा व समझौते के फिराक में घूम रहे थे। वह ससुर की मदद कर रहा था तो आरोपित उसे धमकियां दे रहे थे। जमीन पर कब्जा अभी भी मोहनपुरी का ही चल रहा है।
Published on:
29 May 2018 01:26 pm
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