
Firing
मो. इलियास/उदयपुर. नाम बदल-बदलकर अपराध व फायरिंग करने वाले आजम के गुर्गे शुभम भटनागर ने आदित्य के नाम से अपना वोटर आईडी व आधार कार्ड बना रखा है तो इसी नाम से उसका बैंक में खाता भी है। वर्ष 2015 में सवीना में एक खाली भूखंड पर बने कमरे में दबिश के दौरान उसका पुलिस से आमना-सामना भी हुआ था। उस वक्त आरोपी ने चौकीदार होकर स्वयं का नाम खालिद बताया। इससे पूर्व वह नरेश के नाम से चोरी के मामले में छह माह जेल में रहकर आ गया। अलग-अलग नामों के चलते अब पुलिस को शुभम भटनागर के नाम का भी संदेह हो गया है। शीघ्र ही एक टीम आरोपी की तस्दीक के लिए उसके गांव भेजी जा रही है। अब तक पूछताछ में आरोपी ने स्पष्ट किया कि उसने आजम की ओर से वाट्स अप पर भेजे फोटो वाले समस्त व्यवसायियों की रैकी व फेसबुक अकाउंट पर तस्दीक के बाद फायर किए।
इधर, न्यायालय ने आरोपी ब्याजपुर शाहपुरी चन्दौली (उत्तरप्रदेश) निवासी शुभम पुत्र राजीव भटनागर को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। गौरतलब है कि पुलिस ने शुभम को कन्नू कुमावत व अन्य व्यवसायियों पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। पूर्व में आरोपी का साथी भीमा उर्फ भीमसिंह, पंकज, इदरिश व नाहिद गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि चम्पालाल धर्मशाला में भी आरोपी आदित्य पुत्र मदनसिंह राजपूत के नाम से ठहराया, बैंक में अकाउंट भी इसी नाम का मिला है। पहचान पत्र भी फर्जी होने पर पुलिस शुभम के विरुद्ध अलग से मुकदमा दर्ज कर सकती है।
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फायरिंग वालों के फोटो आते थे वाट्स अप पर
स्पेशल टीम प्रभारी गोवर्धनसिंह भाटी व भूपालपुरा सीआई हरेन्द्र सौदा को शुभम ने पूछताछ में बताया कि फायरिंग करने के लिए हां करने पर आजम ने उसे बड़ौदा (गुजरात) बुलाकर वहां हथियार थमाया था। फायरिंग से पूर्व आजम उसके मोबाइल पर वाट्स अप पर व्यवसायी के फोटो व पते भेजता था। वह उनके शक्ल सही देखने के लिए फेसबुक अकाउंट खोलकर पहचान करता था। उसके बाद वह उस क्षेत्र में दो से तीन बार रैकी कर फायरिंग करता था। अब तक फायरिंग करने वाले वह किसी भी व्यवसायी को पहचानता भी नहीं है। उसने कन्नू कुमावत को छोडकऱ सभी पर हाथ पैर या हवाई फायर किए। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आजम को पकडऩे में जुटी है।
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पैसे नहीं मिले तो भीमा नहीं आया
पुलिस ने शुभम की आदित्य के नाम से मिले बैंक अकाउंट की जांच की तो उसमें आजम की ओर से अब तक उसे 40 हजार रुपए भेजने की पुष्टि हुई। आरोपी के यह पैसे खाने व किराए पर ही खर्च हो गए। आरोपी का कहना था कन्नू को छोडकऱ उसके साथ सभी वारदातों में भीमा साथ रहा था। कन्नू वाली वारदात में भीमा द्वारा ज्यादा शराब पीने से वह उसे साथ नहीं ले गया। भीमा का कहना था कि आदित्य उर्फ शुभम ने उसे शराब पिलाई और किसी तरह का कोई पैसा नहीं दिया। इसी कारण वह जानबूझकर कन्नू कुमावत पर फायरिंग के दौरान साथ नहीं गया।
मुडकऱ नहीं आते नहीं पकड़ाते
आरोपी शुभम का कहना था कि आजम ने कन्नू की हत्या के लिए कहा था। फायरिंग के बाद वह बच गया कि वह देहलीगेट घूमकर वापस आए थे। संयोग से अगर वह नहीं आते तो निश्चित रूप से पकड़े नहीं जाते।
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और भी खुले कई राज
- शिव पार्क कॉलोनी में लोकेश तलेसरा की फायङ्क्षरग के दौरान रैकी करने पहुंचे तो वहां पर वह क्रिकेट खेलता हुआ मिला। माहौल ठीक नहीं होने से वह वापस चला गया।
- इनायत पिंजारा की रैकी के लिए वह आजम के कहने पर सुखाडिय़ा सर्कल व बड़ी क्षेत्र में गया। वहां पर उसकी पीली कार की तस्दीक कर ली लेकिन मौका नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि इनायत के साथ आजम का झगड़ा था। कहना था कि इनायत ने आजम के भतीजे दानिश से पूर्व में मारपीट की थी।
- शुभम का कहना था कि एक व्यवसायी के यहां फायरिंग के दौरान उसकी पिस्टल छिटकने से गोली नहीं चल पाई थी।
Published on:
29 Aug 2018 01:59 pm
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