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मिश्रा बंधुओं के कंठ से गूंजा ‘श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन…’

फूड फेस्टीवल में मिठाईयों का अजब संसार

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मिश्रा बंधुओं के कंठ से गूंजा 'श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन...'

मिश्रा बंधुओं के कंठ से गूंजा 'श्रीराम चन्द्र कृपालु भजमन...'

उदयपुर . पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर से आयोजित कला, फूड फेस्टीवल 'शरद रंगÓ में चौथी सांझ में अरावली की उपत्यकाओं में बनारस घराने के गायक बंधु पद्मभूषण पं. राजन और पं. साजन मिश्रा के सुरीले कंठ से श्रीराम का भजन 'श्रीरामचन्द्र कृपालु भजमन कृपालु...Ó से अपनी रागा शृंखला की शुरुआत की तो दर्शक भक्ति भाव में रम गए।
'एक भारत श्रेष्ठ भारतÓ की भावना को संजोये पांच दिवसीय उत्सव के तीसरे दिन सोमवार को फूड स्टॉल्स पर लोगों ने तरह-तरह के व्यंजनों का आनन्द उठाने के साथ ही कला प्रस्तुतियों को चाव से निहारा। फूड फेस्टीवल में एक ओर जहां पंजाबी कुलछा व छोले, आलू टिक्की, पानी पूरी, दही बड़े जैसे चटखारेदार व्यंजन है तो इसके साथ कुछ पारंपरिक मिष्ठान भी लोगों को तीखे पन से निजात दिला रहे हैं। इनमें हरियाणा के पाक शिल्पी का बनाया गरमागरम जलेबा प्रमुख है। राजथान में जहां बारीक और कुरकुरेदार जलेबी का प्रचलन है तो हरियाणा के देहातों में मोटी, रसीली और बड़े आकार के जलेबे का चलन है। कढ़ाई से निकलते ही चाशनी में डूबते ही इस रसीली जलेबी का स्वाद लोगों को खूब भा रहा है। लखनऊ के वाहिद बिरयानी के स्टॉल पर जाफरानी हलवा तथा उसकी महक व स्वाद आगंतुकों को भरपूर रास आ रहा है।
मिष्ठान की श्रृंखला में ही चूरमे के लडडू जहां राजस्थानी व्ंयजन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं वहीं बिहार के लिट्टी चोखा की स्टॉल पर वहां का प्रिय मिष्ठान चन्द्रकला एक नाया आकर्षण है। मैदे की गुजियों जैसा चन्द्रकला अपने आप में बिहार की मिठास लिये हुए है। वहीं लखनवी दूध व मक्खन फूड फेस्टीवल का एक अलग आकर्षण है। फूड फेस्टीवल के साथ ही दोपहर में बंजारा रंगमंच पर कलाकार आर्केस्ट्रा दल के कलाकारों ने भूपेश आमेटा के निर्देश में राहुल देव बर्मन, राजेश खन्ना, देवानन्द, शम्मी कपूर के सदाबहार गीतों का गुलदस्ता पेश किया।

शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर बनारस घराने के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त और पद्मभूषण से सम्मानित पं. राजन व पं. साजन मिश्रा ने डिवाइन रागा में अपने सुरीले भजनों से समां सा बांध दिया। मिश्रा बंधुओं ने अपने गायन की शुरूआत राग यमन कल्याण पर आधारित श्रीराम का भजन ''श्री रामचन्द्र कृपालु भजमन....ÓÓ एक अलग अंदाज में पेश किया। जिसमें दोनों बंधुओं का सुरीला तारतम्य और गायकी का अंदाज दर्शकों को खूब रास आया। संस्कृत अवार्ड व गंधर्व सम्मान से सम्मानित पं. रातजन साजन मिश्रा ने इसके बाद राग यमन में बंदिश ''ऐसो सुंदर सुघरवा बलमवा..ÓÓ सुनाई। इनके साथ तबले पर पं. अभिषेक मिश्रा, हारमोनियम पर सुमित मिश्रा तथा तानपुरे पर डिम्पी सुहालका व मंदाकिनी लाहिड़ी ने संगत की। 'शरद रंगÓ के आखिरी दिन मंगलवार शाम नई दिल्ली की लब्ध प्रतिष्ठित गज़़ल गायिका राधिका चोपड़ा द्वारा गज़़लें पेश की जावेगी। राधिका बॉलीवुड में फिल्माई गजलों को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करेंगी।

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