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foodwaste: दुनिया में 40 फीसदी भोजन की बर्बादी, इसे रोकने के लिए कानून बनाने की जरुरत

foodwaste: 'भोजन बर्बादी' विषयक संगोष्ठी में जागरूकता पर मंथन

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foodwaste: दुनिया में 40 फीसदी भोजन की बर्बादी, इसे रोकने के लिए कानून बनाने की जरुरत

foodwaste: दुनिया में 40 फीसदी भोजन की बर्बादी, इसे रोकने के लिए कानून बनाने की जरुरत

foodwaste: सद्भाव सेवा फाउंडेशन और सहयोग चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से होटल आनंद भवन में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें 'भोजन बर्बादी' विषय पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि दुनिया में भोजन की 40 प्रतिशत बर्बादी हो रही है। हम पर्यावरण, पानी, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों का नुकसान कर रहे हैं। मुख्य अतिथि एमपीयूएटी के पूर्व वीसी एसएल मेहता, विशिष्ट अतिथि पूर्व वीसी उमाशंकर शर्मा, सीए महावीर चपलोत थे। फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी ओम अग्रवाल, सहयोग चेरिटेबल ट्रस्ट के आरसी मेहता ने बताया कि संगोष्ठी में शहर के जागरूक लोग शामिल हुए। मेहता ने कहा कि भोजन की बर्बादी एक संवेदनशील मुद्दा है। जागरूकता के अभाव में असीमित मात्रा में भोजन बर्बाद हो रहा, जो आज हमारे सामने बड़ी चुनौती है। इस पर गंभीरता से चिंतन करना होगा। भोजन बर्बादी रोकने के प्रयास करने होंगे, जिसके लिए कानून होना चाहिए। फाउंडेशन के मुख्य ट्रस्टी अग्रवाल ने भोजन बर्बादी पर देश-दुनिया में स्थिति की जानकारी दी।आयोजन में प्रकाश अग्रवाल, एचएल कुणावत, डॉ. एमसी मिश्रा, एचजी गुप्ता, एमजी वाष्णेय, ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि की प्रतिनिधि ने विचार रखे।सभी ने भोजन की बर्बादी रोकने का संकल्प लिया। मांगलिक कार्यक्रम में सीमित व्यंजन बनने, मेहमानों की संख्या सीमित रखने, होटल-रेस्टोरेंट में भोजन बर्बादी रोकने के लिए जागरूकता संदेश लिखे जाने, ग्रहिणियों और हलवाइयों को जागरूक करने पर जोर दिया। डॉ. आरएल जोधावत, गजेंद्र जोधावत, अरूण बोर्दिया, मनोज मेहता, विनोद चितोड़ा, मुकेश बया, नरेंद्र लोढ़ा, हेमंत गोखरू, हर्ष अग्रवाल, यूबी श्रीवास्तव, कुंदन भटेवरा मौजूद थे। संचालन राजेंद्र सेन ने किया। वक्ताओं ने संदेश के माध्यम से जागरूकता की बात कही।