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शाबाश मनस्वी… राजस्थान की बेटी ने अमेरिका में रचा इतिहास, 23 हजार फीट ऊंची अकोन्कागुआ चोटी पर फहराया तिरंगा

राजस्थान की बेटी मनस्वी अग्रवाल ने इतिहास रच दिया है। अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी फतह करने के बाद दक्षिणी अमेरिका की 23 हजार फीट ऊंची चोटी को फतह किया है।
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Manasvi Agarwal

मनस्वी अग्रवाल (फोटो-पत्रिका)

उदयपुर। शहर की होनहार पर्वतारोही मनस्वी अग्रवाल ने विश्व पर्वतारोहण के क्षेत्र में भारत और राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप की एंडीज पर्वत श्रृंखला में स्थित 23 हजार फीट यानी 7,000 मीटर ऊंची विश्व की अत्यंत चुनौतीपूर्ण चोटी अकोन्कागुआ को फतह कर तिरंगा फहराया।

इस उपलब्धि के साथ मनस्वी अग्रवाल राजस्थान की अर्धसैनिक बल में कार्यरत पर्वतारोही गीता सामोता के बाद अकोन्कागुआ शिखर पर पहुंचने वाली राज्य की दूसरी महिला बन गई हैं।

बर्फीली हवाएं, माइनस 30 डिग्री तापमान

अकोन्कागुआ एशिया के बाहर शेष छह महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी है, जहां 70 से 80 किमी प्रति घंटे की बर्फीली हवाएं और माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तक गिरता तापमान पर्वतारोहियों की कठोर परीक्षा लेता है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मनस्वी के साथ अभियान में शामिल विश्वभर के 22 पर्वतारोहियों में से मात्र 12 ही शिखर तक पहुंच सके।

पिछले माह विन्सन मैसिफ की फतह

मनस्वी ने 23 दिसंबर 2025 को अंटार्कटिका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी विन्सन मैसिफ को फतह कर राजस्थान की पहली पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद वे भारत लौटे बिना ही 15 दिन से कम अंतराल में 9 जनवरी 2026 को अकोन्कागुआ अभियान के लिए रवाना हो गईं। इतने कम समय में दो अत्यंत कठिन अंतरमहाद्वीपीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूर्ण करना उनकी असाधारण मानसिक दृढ़ता और शारीरिक क्षमता को दर्शाता है।

कठोर प्रशिक्षण से बनीं शिखर विजेता

मनस्वी ने माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट दिरांग एवं हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से बेसिक एवं एडवांस पर्वतारोहण प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां उन्हें एक माह तक 6,500 मीटर ऊंची बर्फीली चोटियों पर रहकर अभ्यास कराया गया। ये दोनों संस्थान भारतीय सेना द्वारा संचालित हैं। मनस्वी अग्रवाल लॉ कॉलेज में सहायक आचार्य के रूप में अध्यापन कर रही हैं। उनके पिता डॉ. टी.आर. अग्रवाल राजस्थान वित्त सेवा से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता डॉ. सरोज अग्रवाल इतिहास विभाग में प्रोफेसर हैं।