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राजस्थान के जंगलों से सुखद खबर, प्रदेश में पिछले दो साल में बढ़ा वन क्षेत्र

मेवाड़ के उदयपुर व राजसमंद में कमी दर्ज हुई

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मुकेश हिंगड़

राजस्थान के जंगलों से सुखद खबर आ रही है कि पिछले दो सालों में जंगल में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में जंगल का Forest Area वन क्षेत्र बढ़ा है। Rajasthan में वर्ष भारतीय वन सर्वेक्षण की ओर से वर्ष 2021 की जारी रिपोर्ट में राज्य का 16,654.96 वर्ग किलोमीटर जंगल है जो वर्ष 2019 की रिपोर्ट से 25.45 वर्ग किलोमीटर जंगल में बढ़ोतरी हुई है। वैसे यह आंकड़ा भौगोलिक क्षेत्र की तुलना में कम है। मेवाड़ की बात करें तो यहां उदयपुर व राजसमंद के वन क्षेत्र में 4-4 वर्ग कमी दर्ज की गई है।

सिर पर लकड़ी का भार ले जाने वालों में कमी आई

सेवानिवृत उप वन संरक्षक ओपी शर्मा कहते है ऑवरऑल रिपोर्ट अच्छी है। वे दो सालों में वन क्षेत्र बढऩे में एक कारण बड़ा कारण यह बताते है कि जंगल से लकड़ी काटर कर ले जाने वालों में कमी आई है। घर-घर गैस पहुंचने के बाद सिर पर लकड़ी का भार ले जानी वाली महिलाएं कम दिखती है। शर्मा उदयपुर में वन क्षेत्र घटने पर कहते है कि कोई फर्क नहीं है।

राजस्थान के जंगल की दो साल की तुलनात्मक आंकड़े

वर्ष... भौगोलिक क्षेत्रफल... अत्यंत सघन वन... सामान्य सघन वन... खुला वन... कुल वन क्षेत्र... भौगोलिक क्षेत्रफल में जंगल का प्रतिशत
2019... 3,42,239... 77.81... 4,341.90... 12,209.80... 16,629.51... 4.86
2021... 3,42,239... 78.15... 4,368.65... 12,208.16... 16,654.96... 4.87

बड़े शहरों के जंगल के आंकड़े एक नजर में
शहर.... 2019 में कुल वन क्षेत्र 2021 में कुल वन क्षेत्र
जयपुर.... 552.76.... 554.86
जोधपुर.... 107.78.... 109.25
अजमेर.... 305.11.... 331.56
भरतपुर.... 230.27.... 221.06
बीकानेर.... 255.61.... 279.71
उदयपुर.... 2,757.54.... 2753.39
(वर्ग किमी)

पीसीसीएफ पांडे आए, फूलों की घाटी व स्मृति वन उद्यान गए

वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक दीपनारायण पांडे ने रविवार को उदयपुर के दौरें पर रहे। उन्होंने वन क्षेत्र गमधर और अम्बेरी में संचालित महात्मा गांधी स्मृति वन उद्यान, फूलों की घाटी का निरीक्षण किया। उन्होंने वन सुरक्षा समिति के सदस्यों से पार्क के संचालन एवं एडवेंचर्स गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।