गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर सहित अन्य कॉलेजों की स्थापना के संबंध में राजकार्य में लापरवाही व सरकार को भ्रामक रिपार्ट पेश करने के मामलों में सुविवि के तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर अमेरिका ङ्क्षसह को क्लीन चिट मिल गई।
उदयपुर. गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर सहित अन्य कॉलेजों की स्थापना के संबंध में राजकार्य में लापरवाही व सरकार को भ्रामक रिपार्ट पेश करने के मामलों में सुविवि के तत्कालीन कुलपति प्रोफेसर अमेरिका ङ्क्षसह को क्लीन चिट मिल गई। न्यायिक जांच में उन पर लगे समस्त आरोप मिथ्या पाए गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद राज्यपाल कलराज मिश्र ने आदेश जारी कर उन्हें दोषमुक्त किया तथा उनके निलंबन अवधि का भुगतान पूर्ण वेतन के आधार पर देने के आदेश दिए। गौरतलब है कि प्रोफेसर अमेरिका ङ्क्षसह उदयपुर मेें कुलपति रहते हुए सुविवि की चंपाबाग में स्थित जमीन के कब्जे को हटाने को लेकर विवाद के बाद राजनीतिक शिकार हो गए है और उन पर बाद में गुरुकुल विश्वविद्यालय सीकर सहित अन्य कॉलेजों की स्थापना के दौरान राजकार्य में लापरवाही व भ्रामक रिपार्ट देने के आरोप लगे थे। इन आरोपों पर प्रोफेसर अमेरिका ङ्क्षसह को 14 जुलाई 2022 को कुलपति पद से निलंबित किया गया था।
समस्त वेतन का करे भुगतान
जांच रिपोर्ट आने के बाद राज्यपाल व कुलाधिपति कलराज मिश्र ने आदेश जारी कर कुलपति के प्रकरण में किसी भी प्रकार की संलिप्तता न पाए जाने पर उन्हें दोषमुक्त घोषित किया। राज्यपाल ने कुलपति के निलंबन अवधि का भुगतान पूर्ण वेतन के आधार पर देने के आदेश दिया।
चीफ जस्टिस की गठित टीम ने की जांच
कुलपति पर लगे आरोपों के बाद राज्य सरकार की अनुशंसा पर हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस की ओर से गठित टीम के न्यायिक जांच अधिकारी महावीर प्रसाद गुप्ता व अन्य ने प्रकरण की बिन्दुवार जांच की। टीम ने प्रोफेसर अमेरिका सिहं को कुलपति के पद से हटाने की अनुशंसा आधारहीन व तथ्यों से परे पाई। इसके अलावा प्रकरण से संबंधित धोखाधड़ी की अशोकनगर थाने जयपुर में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की अनुशंसा की।
आरोप पर लगा था मानसिक आघात, लेकिन सभी का आभार
उदयपुर. न्यायिक जांच में क्लीनचिट मिलने के बाद तत्कालीन कुलपति अमेरिका ङ्क्षसह ने सम्पूर्ण प्रकरण की न्यायपालिका से जांच करवाकर न्याय दिलाने पर राज्यपाल कलराज मिश्र व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आरोपों के बाद मानसिक आघात लगने काफी बीमार हो गया, फिर भी किसी से नाराजगी नहीं है। मुसीबत में जिन लोगों ने साथ दिया उन्होंने बहुत-बहुत आभार और जो षड्य़ंत्र में शामिल थे उन्हें भी शुभकामनाएं।
कुलपति ने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि आरोप लगने के बाद से तनाव में आए और स्वास्थ्य पूरी तरह से बिगड़ गया। एक साल दो माह तक मामले की चली जांच में पूरी सहयोग किया। अधूरे रह गए काफी काम: प्रोफेसर ङ्क्षसह का कहना था सुविवि में कुलपति रहते जो भी काम किया वह यूनिवर्सिटी के हित में ही किया। वहां देश में पहला संविधान पार्क बनवाया। कॉलेज में आर्किटेक, इंजीनियङ्क्षरग के अलावा कई नए कोर्सेस शुरु करवाए। जनजाति बहुल इलाके लिए जनसहयोग से मेडिकल कॉलेज की स्थापना करना चाहता था, जो नहीं हो पाया। साइंस कांग्रेस होने वाली थी, जो नहीं हो पाई, वो होती तो देश- विदेश से कई लोग आते और विद्यार्थियों को काफी सीखने का मिलता।