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घर-घर बरसी गणपति बप्पा की कृपा, चतुर्थी के साथ गणेशोत्‍सव का श्रीगणेश

- शहरवासियों ने उत्साह से किया विराजित, चतुर्थी के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ, मंदिरों में हुए विशेष पूजा अनुष्ठान

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उदयपुर. यों तो बरसात का दौर पिछले दिनों से जारी है, लेकिन शनिवार को चतुर्थी पर जिस कद्र बादल बरसे, पहले कभी नहीं बरसे। मानो गणपति बप्पाा की अगवानी में आसमान से श्रद्धा बरस पड़ी हो। जहां दिनभर बरसात का दौर बना रहा, वहीं चतुर्थी पर घरों से लेकर मंदिरों तक गणपति बप्पा के प्रति आस्था का सागर भी हिलाेेरें लेता नजर आया। गणेश मंदिरों में विशेष शृंगार धराते हुए पूजा अर्चना की गई, वहीं शहरवासियों ने बप्पा को घर में विराजित किया।

इस बार कोरोना के कारण भक्तों की भीड़ मंदिरों में नहीं उमड़ी, लेकिन मंदिरों में गणपति को विशेष शृंगार धराया, वहीं मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने घरों से ही विघ्नहर्ता से महामारी का विघ्न हरने की प्रार्थना की। दस दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ शुरू हो गया, जो अनंत चतुर्दशी के साथ थमेगा।


मंदिर के बाहर से ही नमन

बोहरा गणेशजी, पाला गणेश मंदिर, जाड़ा गणेश, मावा गणेश मंदिर, दूधिया गणेश, संकटमोचन गजानन मंदिर में विशेष आंगी की गई। बोहरा गणेशजी मंदिर में सुबह 5.15 बजे अभिषेक, 6.15 बजे मंगला आरती हुई। फिर स्वर्ण आंगी की गई। 12.30 बजे शृंगार आरती हुई, शाम 7.30 बजे संध्या आरती हुई। मंदिर में दर्शनार्थियों के प्रवेश की अनुमति नहीं थी तो कई लोगों ने मंदिर के बाहर से ही नमन किया।

पुजारी बोले, गणपति करेंगे मंगल
गणेश चतुर्थी पर कार्यक्रम विधिवत रूप से हुआ। दर्शनार्थियों के लिए मंदिर पूरी तरह बंद रखा गया। भक्त घर में बैठकर ही पूजा करें। कम से कम घरों से निकलें। गणपति से यही अरज है कि वे महामारी को जल्द ही खत्म करें और सभी का मंगल करें।

रमेश जोशी, पुजारी, बोहरा गणेशजी

हर साल भक्तों की भीड़ रहती है लेकिन इस बार कोरोना के कारण मंदिर बंद ही रहा। पंचामृत का अभिषेक हुआ, गंगाजल से स्नान कराया गया और गणपति जी की सिंदूर से आंगी की गई फिर उनको शृंगार धराया गया। सभी लोगों से यही निवेदन है कि वे ये पर्व घर पर ही परिवार के साथ मनाएं।
डॉ. देवेंद्रपुरी गोस्वामी पुजारी, जाड़ा गणेश जी


गणेश चतुर्थी महोत्सव पर सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पूजा-अर्चना की। दर्शनार्थियों के लिए मंदिर बंद रहा। गणेश भगवान को मोतियों की माला पहनाई गई और डंकों का शृंगार धराया गया। गणपति से यही अरज कि वे जल्द ही कोरोना का विघ्न हर लें और लोगों को इससे मुक्ति दिलाएं।

बाबूलाल नागदा, पुजारी, पाला गणेशजी मंदिर

ये मंदिर 500 साल पुराना है। चतुर्थी के मौके पर भगवान का विशेष शृंगार धराया गया और आरती की गई। मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए एक-एक दर्शनार्थी को ही दर्शन की अनुमति है। इस बार गणपति से यही प्रार्थना की है कि पूरी दुनिया से कोरोना महामारी खत्म करें।
राधेश्याम सुखवाल, पुजारी, दूधिया गणेश मंदिर


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