
फर्जी मार्कशीटें बनाने वाला गिरोह पकड़ा, नामी विश्वविद्यालयों की डिग्रियां और सील बरामद
शहर की भूपालपुरा और सुखेर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवई करते हुए फर्जी मार्कशीटें बनाने वाला गिरोह पकड़ा। कार्रवाई में युवक-युवती को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नामी विश्वविद्यालयों की डिग्रियां और सील के साथ ही 2 लाख 76 हजार रुपए बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। गिरोह की तैयार की गई फर्जी डिग्रियों से कई लोग सरकारी और बड़ी कम्पनियों में नौकरी भी लग चुके हैं।
भूपालपुरा थानाधिकारी हनवंतसिंह सोढ़ा ने बताया कि शोभागपुरा स्थित लेकसिटी रेजिडेंसी में छापा मारते हुए गिरोह का भंडफोड़ किया गया। पुलिस को देखकर आरोपी युवक-युवती सकपका गए। पुलिस ने आरोपी मूलत: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बांसवाड़ा हाल लेकसिटी रेजिडेंसी निवासी प्रेमसिंह राठौड़ पुत्र जगदीश सिंह और मूलत: पश्चिमपुरी पंजाबीबाग थाना नई दिल्ली हाल लेकसिटी रेजिडेंसी निवासी किरण गौतम पुत्री नेमीचंद जाटव को गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। मामले में स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच हो रही है।
इन विश्वविद्यालयों की फर्जी मार्कशीटें मिली
श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी उत्तरप्रदेश, रामा कॉलेज ऑफ एजूकेशन मेरठ, वाइबीएन यूनिवर्सिटी रांची, मानव भारती टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट देहरादून उत्तराखंड, मेवाड़ यूनिवर्सिटी चित्तौडग़ढ़, बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजूकेशन भोपाल मध्यप्रदेश, टांटिया यूनिवर्सिटी श्रीगंगानगर, महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी नोएडा, द जेके स्टेट बोर्ड ऑफ स्कूल एजूकेशन, सरदार पटेल यूनिवर्सिटी बालाघाट मध्यप्रदेश, छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर, अलाघप्पा यूनिवर्सिटी कराइकुड़ी तमिलनाडू, नेशनल स्कूल ऑफ ऑपन स्कूलिंग, बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजूकेशन आंद्रप्रदेश, पंडित रविशंकर शुक्ला यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़, सिंघानिया यूनिवर्सिटी पचेरी बड़ी झुंझूनूं, तिरुवल्लूवर यूनिवर्सिटी तमिलनाडू, आरकेडीपी यूनिवर्सिटी भोपाल, हिमालया यूनिवर्सिटी, सनराइज यूनिवर्सिटी रामगढ़ अलवर के नाम की फर्जी मार्कशीटें मिली।
Published on:
26 Sept 2022 01:39 am
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