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गड़ा धन न‍िकालने के नाम पर फांसते थे लोगों को…बंदर के पंजे की हड्डी व खोपडिय़ों से करते थे तंत्र व‍िद्या का नाटक

- मटका जमीन में गाडकऱ सोना निकलने का देते थे झांसा - अब तक कई लोगों को ठगा, लाखों की नकदी जेवर ले भागे

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गड़ा धन न‍िकालने के नाम पर फांसते थे लोगों को...बंदर के पंजे की हड्डी व खोपडिय़ों से करते थे तंत्र व‍िद्या का नाटक

उदयपुर. जावर माइंस थाना पुलिस ने जमीन में गड़ा धन निकालने के नाम पर ग्रामीणों से ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर तांत्रिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में नदी -नालों के पास मटकी के साथ एक चमकीली पन्नी छिपाकर उसे ग्रामीणों को सोना बताकर फांसते थे। झांसे में आते ही वे ग्रामीण के घर मटकी गाडकऱ तंत्र विद्या का बहाना कर नकदी व सोने के जेवर लेकर चम्पत हो जाते थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से पूरे मेवाड़ अंचल में कई लोगों से जमीन में सोना निकालने व तंत्र विद्या से दुश्मन को भस्म करने के नाम पर लाखों रुपए हड़पने का खुलासा हुआ है। पुलिस अभी पूछताछ व तस्दीक में जुटी है।

पुलिस अधीक्षक कैलाशचन्द्र विश्नोई ने बताया कि जावरमाइंस के पाड़ला चोर फला निवासी धनजी पुत्र राजाजी से ठगी के मामले में थानाधिकारी धनपतसिंह मय टीम ने प्रतापपुरा जावरमाइंस निवासी चन्दा पुत्र नाथू कालबेलिया, कपासन निवासी मोतीनाथ पुत्र लालूनाथ व छगनलाल पुत्र मोहनलाल कालबेलिया को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तंत्र विद्या में प्रयुक्त बंदर के पंजे की हड्डी, दो खोपडिय़ां, सिन्दूर, कंकू की पुडिय़ा व अगरबत्ती बरामद की। पूछताछ में आरोपियों ने हड्डी कपासन में मृत मिले बंदर के शव के पंजे से निकालने व खोपडिय़ाांं पाड़े की होनी बताई है।

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जमीन में गाड़ी मटकी में मिला कोयला

परिवादी धनजी मीणा ने 22 फ रवरी को थाने में रिपोर्ट दी कि तीन माह पूर्व चन्दा कालबेलिया मिला। उसने परिचित बाबा के बारे में बताते हुए कहा कि वह जमीन में गड़ा धन निकालते हैं। सुख-शांति के लिए भी तंत्र विद्या करते हैं। परिवादी उसके झांसे में आ गया। उसके बाद उसने कपासन के तांत्रिकों से मिलाया। सामग्री मंगवाने के नाम पर 50 हजार रुपए ले लिए। कुछ दिन के बाद चन्दा अपने साथ मोती महाराज व छगन को लेकर उसके घर आया। बकरा, मुर्गा व अन्य सामान मंगवाकर टोटका किया। एक मटका जमीन में गाडऩे के बाद कहा कि हरिद्वार जाकर टोटका सिद्ध कर आने तक मटका मत खोलना। इसके बाद आरोपी चन्दा महाराज का नाम लेकर अलग-अलग समय उससे किस्तों में 1.20 लाख और ले लिए। कुछ समय बाद आरोपी उसे फोन पर मटकी निकालने पर परिवार खत्म होने संबंधी धमकियां देकर डराने लगे। शक होने पर परिवादी ने मटकी निकाली तो उसमें कोयला निकला।

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यूं फांसते थे ग्रामीणों को

आरोपी चन्दा कालबेलिया गांवों में फेरी लगाते हुए ग्रामीणों को जल्द ही धनवान बनाने का प्रलोभन देकर कपासन के मोतीनाथ व उसके चेले छगन का बखान करता। झांसे में आने वाले ग्रामीण को फांसने के लिए यह नदी नाले के किारे मटकी के साथ चमकीली पन्नी गाड़ कर उसे सोना बताते थे। बाद में उस व्यक्ति के घर पर तंत्र विद्या कर घर में मटका गाड़ पूजा का नाटक कर नकदी व जेवर लेकर फरार हो जाते थे।

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