30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उदयपुर में मेवाड़ महोत्सव का आगाज, गणगौर की झांकियों ने दिखाई विरासत और संस्कृति की झलक..

जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से आयोजन, घंटाघर से गणगौर घाट तक निकलीं समाजों की आकर्षक सवारियां, देखने के लिए उमड़ी भीड़

2 min read
Google source verification
gangaur1.jpg

,,

हे ईश, मुझे ईसर जैसा गुणवान, रूपवान और हर सुख-दु:ख में साथ निभाने वाला वर मिले। इसी कामना के साथ कुंवारी कन्याओं और अपने अखण्ड सुहाग के सौभाग्य के लिए सुहागिनों ने ईसर-गणगौर का पूजन किया। होली के एक दिन बाद से ही यानी चैत्र कृष्ण एकम् से शुरू हुए गणगौर पूजन का चैत्र शुक्ला तृतीया से चार छठ तक के दिन महत्वपूर्ण होते हैं। गुरुवार को गणगौर के पहले दिन महिलाएं व युवतियां पारंपरिक गीत गाते हुए गणगौर व ईसर को गणगौर घाट पर लाईं। इस बीच बारिश ने भी गणगौरों का स्वागत किया। बीच-बीच में रुक-रुक कर गणगौर के आसपास महिलाओं ने घूमर नृत्य किया तो लोक कलाकारों ने पारम्परिक गेर नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं। ये नजारा रहा गणगौर पर्व के उपलक्ष्य में पर्यटन विभाग व जिला प्रशासन की ओर से आयोजित हुए मेवाड़ महोत्सव का।

सोलह-शृंगार में आकर्षक गणगौरों के साथ शाही गणगौर ने भी लुभाया

पारम्परिक वेशभूषा में सजी-धजी महिलाओं का भी आकर्षण कुछ कम नहीं था। महिलाएं सिर पर गणगौर की प्रतिमाएं उठाए आई और ईसर व कानूड़ा को भी लेकर पहुंची। गणगौर उत्सव में विभिन्न् समाजों की गणगौरों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा कई समाजों ने झांकियां निकालीं। इधर, बंशी घाट से गणगौर घाट तक शाही ठाठ-बाट के साथ निकली गणगौर की शाही सवारी विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। राजसी ठाट-बाट के साथ पिछोला झील की लहरों के संग मधुर स्वर लहरियों के बीच निकली गणगौर की सवारी ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बरसात के बावजूद रील्स व वीडियो बनाते रहे

मेवाड़ महोत्सव के पहले दिन ही शहरवासियों में अपूर्व उत्साह व उमंग के साथ रील्स एवं वीडियो बनाने की विशेष होड़ देखी गई। उत्साह और उमंग के इस खूबसूरत माहौल के बीच हर कोई अपने कैमरा-मोबाइल में व्यस्त दिखा। विदेशी पर्यटकों ने भी विशेष उत्साह दिखाया। शहर में शाम को कुछ देर बारिश भी हुई बावजूद इसके आयोजन को लेकर लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा

गुरुवार शाम गणगौर घाट पर लोक संस्कृति का अनूठा संगम दिखा। संस्कृति का प्रदर्शन करते लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोहा। पिछोला झील के किनारे इस आयोजन के अनूठे संगम ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर आतिशबाजी भी की गई। कार्यक्रम का संचालन सवी मालू व ऋचा पानेरी ने किया।

Story Loader