
उदयपुर में शुरू हुआ अत्याधुनिक भूगोल प्रयोगशाला का निर्माण, इस रूप में विकसित होगी लेब
रूसा के तहत ६५ लाख रुपए प्रयोगशाला विस्तार के लिए विवि को मिले हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. सीमा जालान ने बताया कि प्रयोगशाला में समस्त अत्याधुनिक सुविधाएं छात्रों के लिए उपलब्ध रहेगी। प्रयोगशाला को इस तरह बनाया जा रहा है ताकि यह दक्षिणी राजस्थान में एक नोडल केन्द्र के रूप में विकसित हो सके।
विभाग के प्रो. पीआर व्यास ने बताया कि प्रयोगशाला कम्प्यूटरीकृत सिस्टम जीआइएस पर आधारित होगी। प्रयोगशाला में स्मार्ट क्लास रूम, सेमिनार कक्ष होगा। इसमें भौगोलिक सूचना तंत्र व सुदूर संवेदन तकनीक के माध्यम से अध्ययन होगा। यह प्रयोगशाला विवि में अध्ययनरत विद्यार्थियों के साथ ही अन्य शोध कार्य , शोध परियोजनाओं आदि के लिए उपयोगी होगी। साथ ही भविष्य में प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्सेज शुरू करने के लिए भी कारगर साबित होगी। विवि के विद्यार्थियों को भूगोल से जुड़े बेहतर प्रयोग की सुविधा मिल सकेगी।
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स्किल डवलपमेंट सेंटर भी होगा
प्रो. सीमा जालान ने बताया कि विभाग की वर्तमान में संचालित प्रयोगशाला को महज प्रयोगशाला ही नहीं बल्कि कौशल विकास केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है ताकि विभाग के विद्यार्थियों में कौशल तैयार किया जा सके एवं उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। प्रयोगशाला का नाम प्रो. एएन भट्टाचार्य प्रयोगशाला एवं स्किल डवलपमेंट सेंटर दिया गया है।
Published on:
29 May 2018 02:34 pm
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