
सुविवि को मिली 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी
उदयपुर. मोहनलाल सुखाडि़या विश्वविद्यालय 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन करने जा रहा हैं। इस संबंध में विज्ञान और प्रोद्याेगिकी विभाग के अंतर्गत भारतीय विज्ञान कांग्रेस ने इस आयोजन की सुविवि को आधिकारिक अनुमति प्रदान कर दी है। इस भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी करेंगे। आयोजन में राज्यपाल कलराज मिश्र बतौर अतिथि शामिल होंगे। कुलपति प्रो अमेरिका सिंह ने बताया कि 30,000 से अधिक प्रतिभागी, 10 लाख विद्यार्थी, 14 सत्रों आयोजन, 40 वैज्ञानिक एवार्ड, 4 मीटस सहित देश विदेश के वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे। प्रो. सिंह ने विस्तृत कार्ययोजना को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र से शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ विजयलक्ष्मी सक्सेना, जनरल प्रेसिडेंट भारतीय विज्ञान कांग्रेस भी उनके साथ थी। आयोजन 3 से 7 जनवरी 2023 तक इस कांग्रेस का आयोजन होगा। आयोजन में देश- विदेश की वैज्ञानिक, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, 10-12 नोबेल पुरस्कार विजेता हिस्सा लेंगे। कुल 14 सत्रों आयोजन होगा जिसमे विज्ञान के विभिन्न थीम के साथ अलग-अलग विषयों देश विदेश के विशेषज्ञों के दुवारा चर्चा होगी। साथ ही फार्मर मीट, चिल्ड्रन मीट, वुमन मीट और साइंस कम्युनिटी मीट सहित 4 मीटस का भी आयोजन होगा।
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सिंह ने जानकारी देते हुए बताया की 3 से 7 जनवरी 2023 तक इस कांग्रेस का आयोजन होंगा जिसमे अतिथि के रूप में राज्यपाल महोदय, मुख्यमंत्री महोदय और उच्च शिक्षा मंत्री महोदय को आमंत्रित किया जाएगा साथ ही देश विदेश की वैज्ञानिक, विभिन्न विश्विद्यालयों के कुलपतिगण, देश प्रदेश के शिक्षाविद, लगभग 10-12 नोबेल पुरस्कार विजेता और उच्च शैक्षणिक संस्थाओ के प्रतिनिधिगण सहित सम्पूर्ण देश से 30,000 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। कुल 14 सत्रों आयोजन होगा जिसमे विज्ञान के विभिन्न थीम के साथ अलग-अलग विषयों देश विदेश के विशेषज्ञों के दुवारा चर्चा होंगी साथ ही फार्मर मीट, चिल्ड्रन मीट, वुमन मीट और साइंस कम्युनिटी मीट सहित 4 मीटस का भी आयोजन होगा। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए साइंस एक्जीबीशन का आयोजन होगा जिसमे सम्पूर्ण देश के लगभग 10 लाख विद्यार्थी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में यंग साइंटिसट एवार्ड भी प्रदान किया जाएगा और सामान्य श्रेणी में 40 वैज्ञानिक एवार्ड प्रदान किए जायेंगे। इस मौके पर प्रधानमंत्री कई नोबेल पुरस्कार विजेताओं, केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, विज्ञान नीति निर्माताओं, प्रशासकों, वैज्ञानिकों, युवा शोधकर्ताओं, विद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों समेत 30 हजार से अधिक प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। देश के विश्वविद्यालयों, विज्ञान अकादमियों और उनसे जुड़े छात्रों एवं शोधार्थियों के अलावा अन्य देशों के विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष और प्रतिनिधिगण भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस दौरान विभिन्न विषयों पर वैज्ञानिक चर्चाओं के अलावा देशभर से आए शोधार्थी अपने शोधपत्र भी प्रस्तुत करेंगे। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के दौरान वैज्ञानिकों का व्याख्यान, महिला विज्ञान कांग्रेस, बाल विज्ञान कांग्रेस, विज्ञान संचारक सम्मेलन सहित विज्ञान के विभिन्न विषयों पर समांतर सत्रों के अलावा एक विशाल विज्ञान प्रदर्शनी का भी आयोजन भी किया जाएगा। इस आयोजन में दुनिया की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमियों समेत भारत की विज्ञान और इंजीनियरिंग अकादमियां भी विज्ञान कांग्रेस में भाग लेगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, इसरो, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और जैव प्रौद्योगिकी विभाग से जुड़े विभिन्न शोध संस्थानों एवं प्रयोगशालाओं से जुड़े वैज्ञानिक इसमें शामिल होंगे।
प्रो. सिंह ने कहा की राजस्थान प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव के बात है की हमारा प्रदेश के सुखाड़िया विश्वविद्यालय को भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ जो की हमें उच्च शिक्षा के अन्तराष्ट्रीय मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाएगा और भारतीय विज्ञान कांग्रेस का यह अधिवेषण भारत के ज्ञान और विज्ञान के भविष्य के विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि यह हमारे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवा विद्यार्थियों के बीच विचारों एवं नवोन्मेषों के आदान-प्रदान का एक बड़ा मंच उपलब्ध करा रहा है। भारत में आधुनिक विज्ञान और नवाचार को आगे बढ़ाना एवं समाज के विकास के लिए इसका उपयोग इस विज्ञान कांग्रेस उद्देश्य रहा है। भारत के ज्ञान और विज्ञान की विकास यात्रा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र की उपलब्धियों पर निर्भर है। भारतीय विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष के परिदृश्य में हमारे देश की उच्च शिक्षा प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही है, हमारे युवा वैज्ञानिक देश की पूंजी और धरोहर हैं यह विज्ञान कांग्रेस शोध, सृजन और सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों को एक नई दिशा प्रदान करेगी और हमारे प्रदेश में उच्च शिक्षा के वैश्विक अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सभी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में सामान अवसर प्रदान करते हुए एकता के सूत्र में पिरोने की कार्य करेंगे। देश-विदेश में वैज्ञानिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन देने में भारतीय विज्ञान कांग्रेस की अहम भूमिका का निर्वाह किया हैं.
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रणी दिगज्ज महानुभावों के साथ इस सुविवि दुवारा भारतीय विज्ञान कांग्रेस की मेजबानी की शुरूआत करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। यह विश्वविद्यालय प्रदेश में उच्च शिक्षा की विकास गाथा का साक्षी हैं, हमने विश्विद्यालय के सशक्तिकरण और नवाचार के नव अवसरों का सृजन किया हैं हमनें शैक्षणिक समुदाय की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए इस प्रतिष्ठित आयोजन का अवसर प्राप्त किया हैं । इसके अंतर्गत विज्ञान से जुड़े बहुआयामी विषयों पर चर्चाएं होंगी। देश-विदेश से वैज्ञानिक इस कांग्रेस में विज्ञान की नवीन चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस का आयोजन किया जाता है।
Published on:
25 Mar 2022 08:08 am
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