Good News For Farmer : उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय नई संकर किस्म प्रताप संकर मक्का-6 विकसित की है। यह नई किस्म किसानों के लिए वरदान है। साथ ही किसानों की इस नई किस्म से खूब मुनाफा होगा।
उदयपुर. महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मक्का की नई किस्म विकसित की है। आने वाले समय में किसान अगर इस किस्म का प्रयोग करते हैं तो उनका उत्पादन बढ़ जाएगा। उन्हें काफी लाभ होगा। राजस्थान में मक्का के कम क्षेत्रफल को देखते हुए उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली ने अखिल भारतीय मक्का अनुसंधान परियोजना शुरू की। इस परियोजना ने अभी नई संकर किस्म प्रताप संकर मक्का-6 विकसित की है। मक्का परियोजना प्रभारी डॉ. आरबी दुबे ने बताया कि पीले दाने वाली मक्का 80-85 दिन में पकने वाली संकर किस्म है। जिसकी खरीफ मौसम में औसत उपज 6205 कुंतल/हेक्टेयर है। यह किस्म तना सड़न रोग, सूत्रकृमि रोग तथा तना छेदक कीट के प्रति रोगरोधी है। साथ ही पकने के बाद भी मक्के का पौधा हरा रहता है। जिससे अच्छी गुणवत्ता का चारा भी मिलेगा।
इस किस्म को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने राष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदित किया है। इस किस्म को शीघ्र अधिसूचित करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। ये किस्म अधिसूचित होते ही इसका बीज किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों के लिए मक्का की नई किस्म वरदान
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर कुलपति, डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने बताया कि राजस्थान में जहां खरीफ में मक्का का लगभग 80 प्रतिशत का क्षेत्रफल वर्षा पर निर्भर है उन क्षेत्रों के किसानों के लिए मक्का की किस्में वरदान साबित होगी क्योंकि यह अच्छी और अधिक पैदावार देने वाली किस्म है।
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देश के 22 केंद्रों पर किया गया था परीक्षण - डॉ अरविंद वर्मा
निदेशक एमपीयूएटी, उदयपुर अनुसंधान, निदेशक डॉ अरविंद वर्मा ने जानकारी दी कि इस किस्म का देश के 22 केंद्रों पर परीक्षण किया गया था, जहां इस किस्म ने अपनी उत्कृष्टता प्रदर्शित की तथा इस किस्म को मक्का अनुसंधान की पंतनगर में हुई 66वीं वार्षिक समूह बैठक में अनुमोदित किया गया है।
भारत में लगभग 90 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाई जाती है मक्का
मक्का एक मुख्य खाद्यान्न फसल है, जिसकी उत्पति मेक्सिको से मानी जाती है। मक्का खरीफ, रबी व जायद तीनों मौसम में उगाई जाती है। देश में ये मुख्य रूप से खरीफ मौसम में उगाई जाती है। भारत में मक्का लगभग 90 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाई जाती है, जिसकी उत्पादकता लगभग 33 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। कुछ राज्यों में स्वीट कोर्न (मीठी मक्का) पोप कोर्न (फूले वाली मक्का), बेबी कोर्न (शिशु मक्का) के रूप में भी मक्का की खेती की जाती है।
बारिश आधारित क्षेत्रों में उगाई जाती है मक्का
दक्षिणी राजस्थान में मक्का खरीफ की मुख्य फसल है। इसमें लगभग 80 प्रतिशत मक्का बारिश पर आधारित क्षेत्र में उगाई जाती है। राजस्थान में मक्का का क्षेत्रफल लगभग 9 लाख हेक्टेयर है तथा उत्पादकता 28 कुंतल/हेक्टेयर है, जो राष्ट्रीय उत्पादकता से कम है।
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