15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आर्थिक विकास सबसे बड़ी चुनौती, पर्यटन के नाम पर जयसमंद बनेगा मील का पत्थर

- नया जिला घोषित होने के बाद सलूंबर से पहली ग्राउंड रिपोर्ट- सलूंबर में जगह-जगह उत्साह, आतिशबाजी और मिठाइयों का वितरण- एक जाजम पर नजर आ रहे सभी संगठन और दल  

2 min read
Google source verification
,

आर्थिक विकास सबसे बड़ी चुनौती, पर्यटन के नाम पर जयसमंद बनेगा मील का पत्थर,आर्थिक विकास सबसे बड़ी चुनौती, पर्यटन के नाम पर जयसमंद बनेगा मील का पत्थर

अभिषेक श्रीवास्तव

नए जिले का उत्साह क्या होता है, अगर यह जानना है तो आप सलूंबर जरूर जाइए! इसी उत्साह और चुनौतियों को जानने हम लगभग 72 किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्ते को तय करते हुए एक छोटे से नगर पालिका क्षेत्र सलूंबर पहुंचे। रास्ते में उमड़-घुमड़ कर यही सवाल बार-बार मन में आ रहा था कि कैसा माहौल होगा। नए जिले की संरचना के लिए कौन-कौन से जतन करने होंगे। जैसे-जैसे दूरी कम हुई, वैसे-वैसे सवालों के जवाब खुद ब खुद मिलने लगे। चारो ओर प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे सलूंबर को पूर्ण रूप से जिला बनकर इतराने के लिए अभी और संघर्ष करना होगा। जिले की घोषणा भले ही हो गई, लेकिन बुनियादी ढांचे को तैयार करने के लिए काफी जतन करने होंगे। इसमें वहां के लोगों के समर्पण भाव के साथ ही प्रशासनिक सक्रियता की जरूरत होगी। नए जिले के मुख्यालय क्षेत्र में कहने के लिए जिला अस्पताल और जिला परिवहन कार्यालय पहले से जरूर है, लेकिन वह उस स्तर का नहीं है, जो वहां की शोभा बढ़ा सके। परिवहन कार्यालय किराए के भवन में है, जबकि अस्पताल खुद बीमार है।
दरअसल, जब हम सलूंबर के एसडीएम कार्यालय पहुंचे तो वहां बार सभागार में पूरे जोश के साथ बैठक चल रही थी। नए जिले को लेकर मौजूद सभी लोगों में गजब का उत्साह था। बार एसोसिएशन के साथ ही विभिन्न संगठनों और दलों के लोग मौजूद थे और 35 वर्ष के संघर्ष की कहानी बता रहे थे। बाहर आतिशबाजी के साथ मिठाई वितरण हो रहा था। ढोल की थाप पर लोग झूम रहे थे। इन सब के बीच चर्चा में नए जिले के आर्थिक विकास का सवाल सबके जेहन में था।


बड़ी चुनौती, इंडस्ट्री के नाम पर कुछ नहीं
सलूंबर और आसपास के क्षेत्र में नए जिले के सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक विकास की आएगी। जिले की जीडीपी कैसे नियंत्रित होगी, इसके लिए जमीनी स्तर प्लानिंग की जरूरत होगी। फिलहाल वहां कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं है, जिससे जिले की आर्थिक सेहत सुधारी जा सके। राजस्व के नाम पर अभी मोरिला में स्थित मार्बल माइंस, सराड़ा के केवड़ा मार्बल माइंस, जावर माइंस ही राजस्व का मुख्य स्रोत हो सकते हैं। हालांकि जावर माइंस को लेकर अभी तक स्थिति तय नहीं है।

पर्यटन के नाम पर जयसमंद
सलूंबर से 12 किलोमीटर पहले उदयपुर मार्ग पर जयसमंद है। यही उसके पर्यटन मानचित्र का मील का पत्थर है। इसके अलावा नए टूरिस्ट प्लेस की तलाश करनी होगी।

नगरीय क्षेत्र की महज 24 हजार आबादी
सलूंबर नगर पालिका क्षेत्र है। उसकी आबादी वर्तमान में लगभग 24 हजार है। छह से सात किलोमीटर में फैला हुआ कस्बा है। कुछ सरकारी ऑफिस हैं। छोटा सा बाजार है। पुलिस के नाम पर एडिशनल एसपी और सलूंबर थाना है। बड़ी ग्राम पंचायतें दूरी पर हैं। बड़े सरकारी भवनों का अभाव है। बाजार करीब 500 दुकानों वाला है। नगर की ऊंचाई 262 मीटर के करीब है।


बड़ी खबरें

View All

उदयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग