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प्रमोद सोनी/उदयपुर . गुजराती पर्यटक अब उदयपुर में खाने-पीने का प्रबंधन अपने तरीके से कर रहे हैं। उन्हें शुद्ध व गुजराती खाना मिले, इसके लिए रसोईये व खाने-पीने का सामान साथ में लेकर आ रहे हैं। इन दिनों फतहसागर, सुखाडिय़ा सर्किल व सहेलियों की बाड़ी समेत कई स्थानों पर खुले में ही गुजराती पर्यटकों का खाना बन रहा है। उद्यान या चौराहे किनारे बैठकर पंगत लगाकर खाना खाते हैं। आटा-दाल व चावल के अलावा हरी सब्जियां भी गुजरात से लाई गई है। गौरतलब है कि दीपावली के बाद से ही उदयपुर में देशी व विदेशी पर्यटकों ने डेरा डाल रखा है और पिछले पांच दिन में यहां 70 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे हैं। इनमें करीब 25 हजार गुजराती हैं।
कहीं 150 का तो कहीं 80 का खाना
सुखाड़िया सर्किल के पास करीब तीन—चार गुजराती पर्यटकों के डेरे हैं।कहीं 150 लोगों का तो कहीं 70—80 लोगों का खाना बन रहा है। बसंती देवी ने बताया कि वह अहमदाबाद से गुजराती पर्यटकों के साथ आई है। वे पिछले तीन दिन से 150 लोगों का खाना बना रही है। सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर व रात का खाना सभी लोग सुखाड़िया सर्किल के अंदर ही खा रहे हैं।