
Video : गुलाब बाग बर्ड पार्क : परिंदे जगहां जगहां के, इनकी देखभाल भी खास
धीरेंद्र कुमार जोशी. उदयपुर. गुलाब बाग स्थित बर्ड पार्क को शुरू हुए अभी करीब एक साल हुआ है। पार्क में देशी विदेशी 33 प्रजातियों के 275 से अधिक पक्षी हैं। इनकी देखरेख भी विशेष रूप से की जा रही है। पक्षियों को प्रतिदिन फल-सब्जियों के साथ ही विभिन्न प्रकार के बीज, अनाज आदि खिलाए जाते हैं। इसके साथ ही बच्चे, बीमार और बूढ़े पक्षियों की विशेष देखभाल की जा रही है।
गुलाब बाग में बर्ड पार्क शुरू होने से पहले ही पक्षियों को लाने का क्रम शुरू हो गया था। यहां मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, अफ्रीका और भारत के करीब 33 प्रजातियों के पक्षी मौजूद है। इन पक्षियों की देखभाल भी विशेषज्ञों द्वारा तय मापदंडों से की जा रही है।
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पक्षियों को यह खाना दिया जा रहा
बर्ड पार्क में मौजूद पक्षियों को सूरजमुखी, मूंगफली, चीणा, बाजरा, गेहूं, चने, छोले, मूंग, मक्की, मिक्स दलिया, मूर्गी दाना, पालक, खीरा ककड़ी, एप्पल, अनार, अमरूद, पपीता, मिक्स वेज, लोकी, भिंडी, ग्वार फली, हरे चने, मटर आदि खाने में दिए जाते हैं। पक्षियों की संख्या के अनुसार उन्हें खाना दिया जाता है।
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ऐसे दिया जाता है भोजन
पक्षियों को दिए जाने वाले भोजन में चने, मूंग, छोले आदि बीजों को एक दिन पूर्व भिगोया जाता है। इसके बाद पक्षियों को दिए जाते हैं। ऐसे में पक्षी इन्हें आसानी से पचा लेते हैं। इसी प्रकार एप्पल, अनार, अमरूद, पपीता आदि में से एक फल प्रतिदिन आता है। मिक्स वेज, लोकी, भिंडी, ग्वार फली, हरे चने, मटर, हर तीसरे दिन आधा किलो की मात्रा में दिए जाते हैं। मिक्स फ्रूट में हर तीसरे दिन चूकंदर, नाशपाती ढाई सौ ग्राम, भूट्टे हर तीसरे दिन एक किलो आते हैं। पत्ता गोभी, फूलगोभी, लोक, शीमला मिर्ची आदि बारिक करके दिए जाते हैं। एमू और मोर को प्याज भी खिलाए जाते हैं।
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प्रजनन के समय मील वर्म
पक्षियों का प्रजनन काल दिसंबर से मार्च माह तक रहता है। इस समय के दौरान उन्हें अन्य खाद्य पदार्थाें के साथ मील वर्म भी डाले जाते हैं। ये खासकर बच्चों के लिए काफी पौषण दायक होते हैं।
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बीमार, बच्चे और बूढ़े पक्षियों की विशेष देखभाल
क्षेत्रीय वन अधिकारी द्वितीय दीपक पूर्बिया ने बताया कि बीमार, बूढ़े पक्षियों के साथ ही जिन बच्चों को मां-बाप छोड़ देते हैं, उनकी विशेष देखभाल की जाती है। ऐसे पक्षियों को छोटे पिंजरों में शिफ्ट किया जाता है। इसके बाद पक्षियों के लिए बनाए गए ए-19 पाउडर को गर्म पानी में मिलाकर समय-समय पर ड्रोपर से दिया जाता है। बीमार पक्षियों को चिकित्सक की सलाह पर दवाई भी दी जाती है।
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20 कर्मचारी कर रहे देखरेख
बर्ड पार्क में 20 से अधिक कर्मचारी पक्षियों की देखरेख कर रहे हैं। ये लोग पक्षियों को खाना खिलाने के साथ ही पिंजरों की साफ-सफाई आसपास के क्षेत्र में सफाई, उनके पानी की व्यवस्था सहित अन्य कई काम करते हैं।
ये पक्षी मौजूद
पार्क में अमरीका के मकाऊ, सनकनूर, अफ्रीका के सेनेगल, ऑस्ट्रीज, ऑस्ट्रेलिया के एमू, बेराबैंड, क्रिम्सन विंग, बजरी तोते, काका टेलो, ककाटू, भारत के रोज रिंग, प्लम हेडेड, एलेक्जेंडिया, बॉर्न आउल, पिकॉक, रोजी पेलिकन, एलेक्जेडिंया, रोज रिंग, प्लम हेडेड, गागरोली तोते, ग्रीन मुनिया, रेड मुनिया, लव बर्ड आदि पक्षी मौजूद है।
Published on:
11 Jun 2023 11:40 pm
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