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आ गया खरीदारी का महामुहूर्त, धन तेरस से पहले गुरू पुष्य नक्षत्र पर ‘खरीदारी की दिवाली’

गुरु पुष्य नक्षत्र कल, बाजार सजे, शुभ मुहूर्त में जमकर करें खरीदारी, 28 अक्टूबर सुबह से शुरू होकर 29 सुबह तक रहेगा  

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guru pushya nakshatra yog

guru pushya nakshatra yog

उदयपुर. नवरात्र व दशहरा के बाद अब हर किसी को दिवाली का इंतजार है। दीपावली की तैयारियों के लिए शहर के बाजार सज-धज कर तैयार हो गए हैं और जगमगा रहे हैं। एक ओर जहां कपड़ों, ज्वेलरी की खरीद चल रही है तो दूसरी ओर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक आयटम्स, घर के सजावटी सामान आदि की खरीद भी हो रही है। कुछ लोग केवल बुकिंग्स ही करा रहे हैं ताकि वे शुभ मुहूर्त पर खरीद कर सकें। इस बार धनतेरस व दिवाली से पूर्व गुरु पुष्य योग का शुभ संयोग 28 को बन रहा है। ये खरीदारी का महामुहूर्त है। यह दिन खरीदारी के लिए सबसे उत्तम समय है। ऐसे में व्यापारियों ने भी इस मौके को भुनाने की तैयारी कर ली है। वे भी पलकपांवड़े बिछाकर बैठे हैं। व्यापारियों के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष पिछले साल से ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद की जा रही है। यानी बाजार पर लक्ष्मी मेहरबान होने वाली है।

सर्वार्थसिद्धि व रवि योग का भी संयोग

पं. जगदीश दिवाकर के अनुसार, दिवाली व धनतेरस से पूर्व खरीदारी शुभ मुहूर्त पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है। 28 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र के दिन शनि और गुरू दोनों एक साथ मकर राशि में विराजमान रहेंगे। 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा माना गया है। गुरुवार होने से इसे गुरु पुष्य नक्षत्र कहा गया है। इस दौरान नई वस्तुओं की खरीदारी करने से घर में शुभता बढ़ेगी। इस नक्षत्र में वाहन, प्रॉपर्टी या सोना खरीदने और नया व्यापार शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है। इसी दिन सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग भी है तो ये सोने पर सुहागा का काम करेगा।


रोशनी से जगमगाए बाजार

दीपावली की त्योहारी रंगत बाजारों में दिखने लगी है। बाजार पूरी तरह तैयार हो चुके हैं और ग्राहकों को खरीदारी का निमंत्रण दे रहे हैं। खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त के इंतजार में बैठे लोगों को जैसे पुष्य नक्षत्र का एक सुनहरा मौका मिला है। इस बार धनतेरस, दीपावली से ठीक पहले दो दिनों तक पुष्य नक्षत्र का संयोग है। यह गुरुवार से शुरू हुआ है जो शुक्रवार तक रहेगा। इसे देखते हुए व्यापारी अच्छी खरीदारी के प्रति आशावान हैं और धनतेरस से पहले ही बाजारों में धन बरसने की उम्मीद भी है। बाजार रोशनी से जगमगा उठे हैं।


गुरू पुष्य नक्षत्र : प्रात: 09:41 से प्रारंभ होकर दूसरे दिन 29 अक्टूबर, शुक्रवार की सुबह 11.38 तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त -

चर - सुबह 11.18 से 12.48 तक
लाभ -दोपहर 12.48 से 1.52 तक

अमृत - दोपहर 1.52 से 2.51 तक
शुभ -शाम 4.48 से शाम 6.28 तक

अमृत - शाम 6.28 से 7.56 तक

चर - रात 7.56 से 9.00 तक

इसी दिन अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11.42 से दोहपर 12.26 तक रहेगा। विजयी मुहूर्त दोपहर 01.34 से 02.19 तक रहेगा।

इस दिन राहुकाल 1.30 से 3 बजे तक रहेगा, राहुकाल में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।