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श्रावण के पवित्र मास के शुरू होते ही शिवालयों में गूंजने लगे हर हर महादेव के जयकारें

क्षैत्र के विभिन्न गॉवों व कसबो में पवित्र श्रावण मास की शुरूवात होने पर क्षैत्र के शिवालयों में हर हर महादेव, ओम नम: शिवाय के जयकारें गूंजने लग गए है। पंडित किशन लाल आमेटा ने बताया की शास्त्रौं के अनुसार श्रावण मास को एक पवित्र मास के रूप में माना जाता है।

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Sawan Somvar Vrat 2019: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ये करें, मनोवांछित फल की होगी प्राप्ति

हेमन्त गगन आमेटा/वल्लभनगर.. क्षैत्र के विभिन्न गॉवों व कसबो में पवित्र श्रावण मास की शुरूवात होने पर क्षैत्र के शिवालयों में हर हर महादेव, ओम नम: शिवाय के जयकारें गूंजने लग गए है। पंडित किशन लाल आमेटा ने बताया की शास्त्रौं के अनुसार श्रावण मास को एक पवित्र मास के रूप में माना जाता है। जिसमें शिवालयों में भगवान शिव को बिल पत्र अर्पण करते हुए पूजा व अभिषेक करने से मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण होकर शुभ फल प्राप्त होता है। पार्थेश्वर की पूजा अर्चना के साथ इस पवित्र मास की शुरूवात हुई। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर नांग पंचमी और अमृत सिद्धी का सुयोग भी बन रहा है जिसमें महादेव जी को बिलपत्र, सुंगधित पुष्पों एवं पंचा अमृत से पूजा अर्चना व अभिषेक करने पर मनुष्य की हर मनोकामना पूर्ण होकर उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होने का योग बनता है। वही श्रावण मास के दौरान अश्विनी और कृतिका नक्षत्रों में बादलों की तेज गर्जना के साथ अच्छी बरसात होने का योग भी बन रहा है जिससे यह माह बरसात के लिए भी अच्छा माना जारहा है।

श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्थी को मंशावाचा व्रत का होगा शुभारंभ

श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनोकामना पूर्ण होने वाला पवित्र मंशावाचा व्रत का शुभारंभ भी इसी माह में 4 अगस्त रविवार को शुरू होगा। यह व्रत सोलह सोमवार तक किया जाता है और दीपावली के बाद विधिविधान से इस व्रत का उद्यापन किया जाता है। इस व्रत के दौरान कथा श्रवण करने तक व्रतार्थी निर्जल रहकर अखंड व्रत करते हुए भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर मंगल कामनाए करते हुए कथा का श्रवण करते है। इस पवित्र मास में शुरू होने वाले इस व्रत से मनुष्य की हर मनोकामना पूरी होती है।