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aadhar card news : भटकना पड़ रहा आधार कार्ड बनवाने को

35 गांवों के बीच एक भी आधार सेंटर नहीं, जबकि क्षेत्र में 13 ई-मित्र केन्द्र

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Have to wander to get aadhar card

भटकना पड़ रहा आधार कार्ड बनवाने को

नया आधार बनवाने व सुधार करवाने के लिए भटक रहे लोग
उदयपुर जिले के लूणदा कस्बे सहित आसपास के करीब दस हजार की आबादी के लिए दस्तावेजों में आधार सबसे बडी़ पहचान है। लेकिन कई ग्रामीण अभी भी आधार कार्ड बनवाने व अपटेड के लिए भटक रहे हैं। इसकी बडी़ वजह यह है कि लूणदा व अमरपुरा जागीर ग्राम पंचायत के 35 गांवों के बीच एक भी आधार कार्ड केन्द्र सेन्टर नहीं है। जबकि लूणदा में 7 व अमरपुरा जागीर ग्राम पंचायत में 6 ई-मित्र संचालक हैं। लेकिन ग्रामीणों को समय व पैसा खर्च करके दूर-दूर जाकर आधार कार्ड बनवाने के लिए विवश होना पड रहा है।
18 किमी दूर जाने को मजबूर ग्रामीण
अमरपुरा जागीर ग्राम पंचायत का सबसे दूरस्थ गांव गोपा की भागल है जो की कानोड से 15 किमी दूर है तो वहीं लूणदा ग्राम पंचायत का सबसे दूरस्थ गांव विरियां है जो कि पंचायत मुख्यालय से 10 किमी है तो आधार सेंटर कानोड तक जाने के लिये 18 किमी दूर जाने को विवश है। एवं इन गांवों से आवागमन के साधन भी नहीं हैं, ग्रामीणों को कानोड जाने के लिए भी गोपा की भागल व विरिया से पैदल लूणदा पहुंचाना पडता है और फिर बसों में बैठकर कानोड या अन्य स्थानों पर जाना पडता है। ऐसी ही परेशानी अन्य गांवों में भी है।
नम्बर अपडेट होने के बाद ही होता है आवेदन
खाद्य सुरक्षा फार्म ऑनलाइन के लिए जब तक प्रार्थी का आधार में मोबाइल नंबर अपटेड नहीं होगा तब तक ऑनलाइन नहीं होगा लेकिन आधार में मोबाइल नंबर अपटेड होने के बाद आवेदन ऑनलाइन हो सकता है लेकिन ग्रामीणों को मोबाइन नंबर अपटेड करवाने के लिये कानोड या अन्य जगह जाना पडेगा। आधार संचालकों की माने तो कई बार मोबाइल नंबर एक दिन में ही अपटेड हो जाता है तो कई बार तीन दिन भी लगते हैं। जिससे ग्रामीणों के लिए आधार कार्ड की सुविधा स्थानीय स्तर पर तो नहीं है लेकिन आधार कार्ड बनवाने या अपटेड करवाने के लिए लोगों को खासी मुश्किलें हो रही हैं।
2011 में बने आधार, तब नहीं थे इतने मोबाईल
कई पेंशनधारी बुजुर्गों ने 2011 में आधार कार्ड बनवाया था उस वक्त न तो इन बुजुर्गों के पास मोबाइल था और न ही परिवार के किसी सदस्य के पास मोबाइल था। उस वक्त तो जैसे तैसे पंचायतों में शिविरों के माध्यम से आधार बन गए लेकिन अब सारा कार्य ऑनलाइन हो गया, तो आधार में मोबाइल नंबर अपटेड नहीं होने से परेशानी का सामना करना पडता है। यही हाल पेंशन में भी देखने को मिलता है, कई बुजुर्गों के आधार में पूरा नाम नहीं है और पेंशन पीपीओ में पूरा नाम दर्ज है तो कई खाता डायरियों में भी नाम मिस मैच रहता है इन सभी को सुधार के लिये महत्वपूर्ण दस्तावेज आधार रहता है और बैंक आधार को सपोर्टिग दस्तावेज मानकर खाते में अपटेड करता है लेकिन परेशानी वही है कि आधार संशोधन ग्रामीण करवाएं तो कहां।

वर्तमान में अभी कोई आदेश नहीं है, नए आधार सेन्टर स्थापित करने के लिए भविष्य में अगर कोई आदेश आता है तो प्राथमिकता से लूणदा व अमरपुरा क्षेत्र में आधार केन्द्र स्थापित करवाया जाएगा।
-अनुपम निमावत, प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी जनसंचार विभाग, पंचायत समिति, भीण्डर


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