
यहां पर किसानों के खिले चेहरे, हल और बैल लेकर चले खेत
उदयपुर/ मेनार. प्री-मानसून की पहली बरसात से गीले हुए खेतों से किसानों के चेहरे खिले दिखाई दे रहे हैं। सक्रिय किसान परिवार इस मौके का फायदा उठाते हुए जुताई कार्य में लग गए हैं। खरीफ फसल के लिए कई जगहों पर खेती कार्य को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। हंकाई और बुवाई के बीच किसान खुश हो रहा है। दूसरी तरफ कृषि विभाग भी मौके के साथ तैयारी में जुट गया है। वल्लभनगर तहसील क्षेत्र के मेनार कस्बे सहित अमरपुरा, खालसा, बामणिया, खेड़ली, नवानियां, बांसड़ा, भोपाखेड़ा, कुन्थवास, बरोडिय़ा, रामखेड़ा, रुंडेड़ा सहित समीपवर्ती गांवों में खेतों में हलचल साफ दिखाई दे रही है।
लौट रहे हैं मजदूर
बरसात की बौछारों ने परदेश में कमाने गए मजदूरों को भी घर की ओर आकर्षित किया है। अस्थायी रोजगार को छोड़कर लौट रहे मजदूरों की उनके खेतों में हलचल बढ़ गई है। अपनों से बिछड़े बच्चे और परिजन भी परिवार के मुखिया के लौटने से खुश दिखाई दे रहे हैं।
८ सौ रुपए प्रति घंटा
समय अभाव एवं आधुनिकता के बीच बैलों और हल को छोड़कर ट्रैक्टर की जरूरतें बढ़ गई हैं। किसान परिवार समय की उपयोगिता को समझते हुए सात से आठ सौ रुपए प्रति घंटा की लागत से ट्रैक्टर ला रहे हैं। एक घंटे की अवधि में ट्रैक्टर करीब सवा एकड़ जमीन को जोत रहा है। इधर, बारिश की बौछारों के बीच ही खाद-बीज के लिए दुकानों पर किसानों की भीड़ बढऩे लग गई है। दूसरी ओर सहकारी समिति की ओर से संचालित केंद्रों पर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
वेला में बैल और हल
लूणदा. इधर, लूणदा क्षेत्र के उमरों का वेला में अधिकांश किसानों की ओर से खेत जोतने के लिए बैलों और हल पर विश्वास जताया जा रहा है। पूरा परिवार उनके मुखिया के साथ खेतों में जुताई और बुवाई कार्य में सक्रिय बना हुआ है।
Published on:
21 Jun 2019 06:00 am
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