- महाराणा प्रताप खेल गांव में हुई शुरुआत - बालक-बालिका वर्ग को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण
उदयपुर. अब उदयपुर हॉकी के नायाब हीरे तराशेगा। लम्बे इन्तजार के बाद महाराणा प्रताप खेल गांव में बालक व बालिकाओं की हॉकी एकेडमी की शुरुआत सोमवार को कर दी गई। बालक 40 व बालिका 30, चयनित खिलाडिय़ों को अन्तरराष्ट्रीय खिलाड़ी व प्रशिक्षक अशोक ध्यानचंद प्रशिक्षण देंगे। जनजाति क्षेत्र की जो प्रतिभाएं है, उन्हं निखारकर राज्य, राष्ट्र व अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए बच्चों को हाईटेक प्रशिक्षण व खेल सुविधाएं दी जा रही है। गांव व ढाणी ढाणी से निकलकर ये प्रतिभाएं देश दुनिया में नाम रोशन करेंगी।
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जिला खेल अधिकारी शकील हुसैन ने बताया कि महाराणा प्रताप खेल गांव में हॉकी एकेडमी की शुरुआत कर दी गई है। जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के शासन सचिव शिखर अग्रवाल व आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी के प्रयास व आदेशानुसार जनजाति क्षेत्र बालक-बालिका हॉकी एकेडमी का चयन किया गया था, इसकी शुरुआत होने के बाद सभी खिलाड़ी उत्साहित हैं। फिलहाल कुछ खिलाड़ी पहुंचे नहीं है, जो जल्द ही आ जाएंगे। हुसैन ने बताया कि प्रशिक्षक अशोक ध्यानचंद ने ये प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। एस्ट्रोटर्फ पर खिलाडिय़ों को हॉकी की प्रेक्टिस करवाई गई। प्रशिक्षण सुबह 6.30 से 8.30 बजे व शाम 4 से 6.30 बजे तक नियमित दिया जाएगा।
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इन जिलों के खिलाड़ी- हॉकी एकेडमी में उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही जिले के जनजाति वर्ग के खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। छठी से दसवीं तक पढऩे वा ले 12 से 17 वर्ष तक आयु वर्ग के खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- बालक वर्ग के खिलाड़ी महाराणा प्रताप खेल गांव परिसर छात्रावास में रहेंगे, जबकि बालिकाओं को मधुबन स्थित बालिका छात्रावास में रखा जा रहा है। इनके भोजन व आवास का खर्च जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उठा रहा है।
- इन खिलाडिय़ों का प्रािशक्षण के साथ ही पढ़ाई भी करवाई जाएगी।