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नादान हंसी से खिलखिलाते आंगन में ‘बदकिस्मती का सन्नाटा

human story खेरवाड़ा उपखण्ड की ग्राम पंचायत सरेरा का मामला, बीमारी के बीच एक ही घर में दो मासूम बच्चियों की मौत

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नादान हंसी से खिलखिलाते आंगन में 'बदकिस्मती का सन्नाटा

नादान हंसी से खिलखिलाते आंगन में 'बदकिस्मती का सन्नाटा

डॉ. सुशील कुमार सिंह/ यशवंत पटेल. उदयपुर/ भाणदा. human story मजदूरी के बावजूद उन आंखों में भविष्य के लिए कुछ ललक थी। गरीबी के बावजूद बेटियों को जीवन में कुछ बनाने की ठानी थी। मजदूर परिवार सोते-जागते बेटियों को लायक बनाने के सपने पाले थे, लेकिन कहते हैं विधाता के आगे किसी की नहीं चलती। सपने देखने वाली उन आंखों के सामने जिंदगी इस कदर बिखर जाएंगे। नादान और मासूमों की हंसी से खिलखिलाते आंगन में एकाएक सन्नाटा पसर जाएगा। ऐसा अंदाजा किसी को भी नहीं था। कुछ ऐसी ही दर्द भरी दास्तां है खेरवाड़ा उपखण्ड की ग्राम पंचायत सरेरा के बंबाला में एक परिवार की। यहां दो दिनों के अंतराल में दो बहनों की अज्ञात बीमारी के बीच मौत हो गई।
हुआ यूं कि अहमदाबाद में मजदूरी करने वाले बंबाला निवासी अमृतलाल पुत्र कावाजी अहारी की चार वर्षीय बेटी सारिका को दो दिन पहले हल्के बुखार की शिकायत हुई। उसे परिजनों ने समीपवर्ती निजी चिकित्सालय पहुंचाया। इस बीच शुक्रवार सुबह सारिका ने दौराने उपचार दम तोड़ दिया। सूचना पर अमृतलाल मजदूरी क्षेत्र अहमदाबाद से घर लौटा और मासूम का अंतिम संस्कार किया। इधर, बहन का अंतिम संस्कार हुआ ही था कि अमृतलाल की दूसरी बेटी रवीना (12) की तबीयत भी एकाएक ज्यादा बिगड़ गई। उसे बिना देर लगाए डूंगरपुर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित किया। एक ही घर में दो बहनों की हुई मौत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। समाचार लिखे जाने तक मृतका का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।

अन्य सदस्यों का जंचवाया स्वास्थ्य
दोनों बहनों की मौत के बाद सरेरा सरपंच दुर्गा देवी पीडि़त परिवार से मिलने पहुंची। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर सरेरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गई। वहां जाकर मृतका के भाई कमलेश अहारी (12) का स्वास्थ्य भी खराब होना सामने आया। human story उपचार के बाद बालक को परिजनों के साथ घर भेजा गया।

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