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बैंकों को कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश,आवटित लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयास करें

मार्गदर्शी बैंक कार्यालय के तत्वावधान में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन शैलेष सुराणा की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में हुई।

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बैंकों को कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश,आवटित लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयास करें

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उदयपुर. मार्गदर्शी बैंक कार्यालय के तत्वावधान में जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन शैलेष सुराणा की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में हुई। बैठक में वार्षिक साख योजना, साख जमा अनुपात, कृषि ऋण, जन-धन, जन सुरक्षा बीमा योजना, वित्तीय साक्षरता एवं अन्य सरकारी योजनाओं पर चर्चा एवं प्रगति की समीक्षा हुई।

आरंभ में अग्रणी ज़िला प्रबंधक राजेश जैन ने सभी का स्वागत करते हुए सदन को बताया कि इस वर्ष पहली तिमाही में जिले में बैंकों का साख-जमा अनुपात 68.66 है तथा बैंकों के द्वारा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र में वार्षिक लक्ष्य 8485 करोड़ रूपए के विरुद्ध 3230 करोड़ रूपए के ऋण वितरण किए गए हैं जो आवंटित लक्ष्य का 38 प्रतिशत है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर शैलेष सुराणा ने सभी बैंकों को कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने के निर्देश दिए। एडीएम ने कहा कि बैंक अपनी सामाजिक एवं आर्थिक जिम्मेदारी निभाते हुए आवटित लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयास करें और जरूरतमंद एवं समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को सुलभ ऋण उपलब्ध करवा कर लाभान्वित करें।

बैठक में साख जमा अनुपात में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले बैंकों को आगामी तिमाही में प्रस्तुति सुधारने के निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों ने कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, केसीसी पशुपालन एवं मत्स्य पालन, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, डॉ भीमराव अंबेडकर दलित आदिवासी उद्यमी प्रोत्साहन योजना, पोप योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल अन्त्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, इंदिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना, पीएम स्वनिधि योजना आदि के प्रावधानों, ऋण लक्ष्य तथा स्वीकृतियों की जानकारी दी।

बैठक के दौरान चर्चा में भाग लेते हुए नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक नीरज यादव ने कृषि अवसंरचना कोष स्कीम के बारे में बताया एवं सभी बैंकों को इस योजना में प्रगति लाने हेतु अनुरोध किया। भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रबंधक गौरव गुप्ता ने सभी बैंकों को वार्षिक साख योजना के वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु कार्य करने एवं साख-जमा अनुपात में और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में आरएमजीबी के क्षेत्रीय प्रबंधक के.के. गुप्ता, बीओबी के डीआरएम अनादी भट्ट, मार्गदर्शी बैंक के मोहन जाखड तथा अन्य बैंक प्रतिनिधिओं एवं सरकारी विभागों से अधिकारियों ने भाग लिया।