
ड्रॉप आउट बालकों को पुनः शिक्षा से जोडने के निर्देश
उदयपुर. जिला बाल संरक्षण इकाई की त्रैमासिक बैठक बुधवार को अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) राजीव द्विवेदी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारयों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बालकां के सर्वांगीण विकास के लिए सभी स्तरों पर मिलकर प्रयास करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण के लिए आवष्यक है कि उन पर किसी प्रकार के अनावश्यक निर्णय नहीं थोपे जाए। षिक्षा विभाग के अधिकारियों को ड्रॉप आउट बालकों को पुनः शिक्षा से जोडने तथा इस प्रकार की स्थितियों की रोकथाम के लिए उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बाल अधिकारिता सहायक निदेशक श्रीमती मीना शर्मा ने जिले में बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रगति तथा जिले में संचालित किए जा रहे राजकीय एवं गैर राजकीय गृहों में पुर्नवासित बालकों के बारे में जानकारी दी।
बाल कल्याण समिति की कार्यवाहक अध्यक्ष यशोदा पाणिया ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। युनिसेफ की बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने पुलिस विभाग द्वारा संचालित कम्युनिटी पुलिसिंग टू बिल्ड अवेयरनेस एण्ड ट्रस्ट कार्यक्रम की जानकारी देते हुए नशावृति की रोकथाम हेतु कार्यशाला एवं अभियान का सुझाव दिया। बैठक में फोस्टर केयर संस्थान की प्रतिनिधि कुसुम ने गैर संस्थागत देखरेख योजनाओं से बालकों को जोडने का सुझाव दिया। विशेष किशोर पुलिस इकाई के प्रतिनिधि मानव तस्करी विरोधी प्रकोष्ठ प्रभारी गोविन्द लाल ने भी विचार रखे। बैठक के दौरान बाल अधिकारिता विभाग द्वारा वात्सल्य योजना से संबंधित पोस्टर का विमोचन किया गया।
पोस्टर में बाल हक हेल्प डेस्क तथा ईबॉक्स के साथ योजना की जानकारी दी गई जिसे सार्वजनिक स्थलों तथा बाल देखरेख संस्थानों में चस्पा कराया जाएगा। बैठक के दौरान षिक्षा विभाग, श्रम विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सहित जिले में कार्यरत स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ कॉम्बेट कार्यक्रम के आकाश उपाध्याय, भरत खोखर सहित 40 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।
Published on:
20 Sept 2023 07:09 pm
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