
इंटक संघ पदाधिकारियों ने लगाया प्रबन्धन पर आरोप: श्रमिकों को कुचलने व संगठन को दबाने का प्रयास
उदयपुर. रॉक फ ॉस्फेट मजदूर संघ इंटक के महामंत्री एस एम अय्यर मणी तथा इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीशराज श्रीमाली ने राज्य सरकार के उपक्रम आरएसएमएम (राजस्थान स्टेट माइंस एण्ड मिनरल्स लि.) प्रबंधन पर श्रमिकों को कुचलने व संगठन को दबाने के प्रयास का आरोप लगाया है। शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रबन्धक की ओर से सरकार को गुमराह किया जा रहा है, संघ कार्यालय कक्ष को अपने कब्जे में कर लिया है, जबकि मान्यता अभी तक समाप्त नहीं हुई है।
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एमडी ने बाहर निकाला कमरे से महामंत्री मणी ने बताया कि वे वार्ता के लिए समय लेकर प्रदेशाध्यक्ष श्रीमाली के साथ बीते बुधवार शाम 6 बजे आरएसएमएम लि. के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश कसेरा से मिलने पहुंचे थे, वार्ता के दौरान संघ का पक्ष सुने बिना ही प्रबंध निदेशक ने मान्यता मानने से इंकार कर दिया, कक्ष देने से मना कर ठेकेदार श्रमिकों की समस्याएं सुनने से भी इंकार किया। ठेका श्रमिकों की उठाई मांगों को दबाने के लिए अनुचित श्रम व्यवहार करने व अभद्र तरीके से कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया। मणी ने बताया कि कोरपोरेट कार्यालय में एकमात्र रॉक फ ॉस्फेट मजदूर संघ इंटक कार्यरत है जो 40 वर्षों से मान्यता प्राप्त संघ है। उन्होंने निदेशक पर मनमर्जी कर प्रबंध निदेशक ने रात को ही इंटक के छह प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों सहित 22 श्रमिकों का स्थानान्तरण आदेश जारी कर दबाव बनाया। बातचीत के दौरान अध्यक्ष आरएन मोर्य, उपाध्यक्ष हरीश शर्मा, इंटक प्रदेश महामंत्री नारायण गुर्जर व महिला इंटक की प्रदेशाध्यक्ष चंदा सुहालका इंटक जिलाध्यक्ष हरीसिंह खरवड़ एवं सुनील रोजर्स मौजूद थे।
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-इनका विरोध...संघ ने बनाया एमडी पर दबाव
- आरएसएमएम कर्मचारी संघ राजस्थान सर्कल प्रदेश अध्यक्ष राकेश ओझा ने रॉक फास्फेट मजदूर संघ झामरकोटड़ा के पूर्व महामंत्री एसएम अय्यर व इंटक यूनियन प्रदेश अध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रबन्ध निदेशक कसेरा के कक्ष में अनाधिकृत प्रवेश कर उनसे दुव्र्यवहार किया और विभिन्न कार्य करने का दबाव बनाया। उन्होंने सीएम से कार्रवाई की मांग की है।
- रॉक फास्फेट मजदूर संघ इंटक के अध्यक्ष सांवरलाल वारी ने मुख्य सचिव व आरएसएमएम चेयरमैन को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में उल्लेख है कि पूर्व महामंत्री अय्यर व इंटक के जगदीशराज श्रीमाली ने प्रबन्ध निदेशक के अभ्रदता की है, उन्हें उनके कहे अनुसार कार्य करने की धमकी दी है। उन्होंने कार्यकारी निदेशक के रिक्त पद को भरने व अनुशासनहीनता करने वालों पर कार्रवाई की मांग रखी है।
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तबादले तो होते ही हैं। आवाज कुचलने जैसी तो कोई बात नहीं है। जहां जरूरत है, वहां पर तबादला किया जाता है। हमें भी सरकार कौनसा पूछकर तबादला करती है। प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर तबादले किए गए हैं। 2007 में उनके चुनाव हुए थे, जो पांच वर्ष के लिए वैध थे। ऐसे में उनकी मान्यता 2012 में समाप्त हो गई। दुव्र्यवहार तो उन्होंने मुझसे किया है। एक ऐसा व्यक्ति भी संगठन में खुद को बनाए रख रहा है, जो कई वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हो गया है, उन पर भी कई भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
ओमप्रकाश कसेरा, प्रबन्ध निदेशक आरएसएमएम लि.
Published on:
19 Sept 2021 08:26 am
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