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जगन्नाथ रथयात्रा : दो साल बाद नए रथ में सवार हो भगवान जगन्नाथ पहुंचेंगे भक्तों के बीच, ​रथयात्रा मार्ग में कर्फ्यू में ढील

Jagannath Rathyatra In Udaipur पूरे उत्साह व हर्षोल्लस के साथ निकलेगी जगन्नाथ रथयात्रा, शहरवासी बनेंगे साक्षी, 21 फीट ऊंचे नए चांदी के रथ में भगवान होंगे सवार

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Jagannath Rathyatra In Udaipur

जगन्नाथ रथयात्रा समिति उदयपुर की ओर से 1 जुलाई को निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा पूरे हर्षोल्लास व भक्तिभाव के साथ निकाली जाएगी। इसके लिए जगन्नाथ रथयात्रा समिति व सभी संगठनों की ओर से तैयारियां पूर्व में की जा चुकी हैं। समिति के संयोजक दिनेश मकवाना ने बताया कि भगवान जगन्नाथ स्वामी 21 फीट ऊंचे नवनिर्मित चांदी के रथ में विराजित होकर नगर में भ्रमण पर निकलेंगे। जगदीश चौक से रथ यात्रा शुरू होगी। रथ यात्रा में 100 से अधिक समाज एवं संगठनों की भागीदारी रहेगी। नए रजत रथ को भक्तों द्वारा खींचा जाएगा, भक्तजन पारंपरिक धोती, कुर्ता, पाग धारण करेंगे। साथ ही रथयात्रा मार्ग में प्रसाद जलपान एवं खाद्य वस्तुओं के लिए प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया जाएगा।

दोपहर 2 बजे मंदिर के अंदर पारंपरिक रथयात्रा, शाम 4 बजे शहर भ्रमण पर निकलेगी

मकवाना ने बताया कि 1 जुलाई को दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक मंदिर के अंदर निकलने वाली पारंपरिक रथ यात्रा में काष्ठ के रथ पर भगवान के बाल स्वरूप को बिठाकर मंदिर परिसर परिक्रमा में स्थित गणेश देवरी सूर्य देवरी, माता देवरी, महादेव देवरी की परिक्रमा की जाएगी। भक्तों द्वारा मंगल गीत भजन गाए जाएंगे, परिक्रमा करने के पश्चात रथ को पुनः मंदिर के अंदर ले जाया जाएगा। 3 बजे बाद मुख्य रथ यात्रा की तैयारी शुरू हो जाएगी मंदिर के पुजारियों द्वारा नवनिर्मित रजत रथ में काष्ठ निर्मित भगवान के स्वरूप को धराया जाएगा ।

शंख चूड़ रस्सी से भक्तजन रथ को खींचेंगे

जगन्नाथ धाम सेक्टर-7 से भगवान जगन्नाथ नन्दीघोष रथ पर आरूढ़ होकर शुक्रवार दोपहर 2.15 बजे भक्तों को दर्शन देने उपनगरीय क्षेत्र में भ्रमण पर निकलेंगे। रथ यात्रा का शुभारम्भ मंदिर प्रांगण में चांदी के झाडू से मार्जन कर किया जाएगा तथा शंख चूड़ रस्सी से भक्तजन इस रथ को खींच सकेंगे। रथ यात्रा व महाआरती के संयोजक डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि जगन्नाथ धाम सेक्टर-7 से 15वीं रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा, बलभद्र एवं सुदर्शन की मंदिर में प्रतिष्ठित महादारू (काष्ठ) की प्रतिमाएं रथ में आरूढ़ होकर उप नगरीय क्षेत्र में भ्रमण पर निकलेगी तथा यह रथ यात्रा सर्वधर्म सम्भाव व “सर्वे भवन्तु सुखीना” के ध्येय वाक्य को लेकर व सामाजिक समरसता व समस्वरता के साथ निकाली जाएगी।