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राजस्थान में यहां बनेगा 363 करोड़ का ‘सुपर’ एलिवेटेड कॉरिडोर, मंत्री नितिन गडकरी ने शेयर की Good News

राजस्थान के उदयपुर संभाग और विशेष रूप से मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खेरवाड़ा शहर में बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

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राजस्थान के दक्षिण द्वार कहे जाने वाले उदयपुर-रतनपुर-शामलाजी सेक्शन पर अब सफर और भी सुगम होने वाला है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उदयपुर के खेरवाड़ा कस्बे में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 363.89 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। यह परियोजना न केवल खेरवाड़ा शहर के भीतर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगी, बल्कि गुजरात-राजस्थान सीमा पर होने वाले सड़क हादसों पर भी लगाम लगाएगी।

दशकों पुरानी मांग हुई पूरी

खेरवाड़ा शहर एनएच-48 पर स्थित एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। उदयपुर से अहमदाबाद जाने वाले भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के एक ही सड़क पर होने के कारण यहाँ आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती थी। स्थानीय नागरिक लंबे समय से यहाँ एक 'ऊंची संरचना' या एलिवेटेड रोड की मांग कर रहे थे। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गडकरी ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना जनता की इसी मांग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

ब्लैक स्पॉट्स का होगा सफाया, सुरक्षा होगी पुख्ता

नेशनल हाईवे-48 का यह हिस्सा 'ब्लैक-स्पॉट्स' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) के लिए भी जाना जाता है।

  • सुरक्षा में सुधार: एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से स्थानीय ट्रैफिक और हाईवे का थ्रू-ट्रैफिक (बाहर से आने वाले वाहन) अलग-अलग हो जाएंगे।
  • हादसों में कमी: क्रॉसिंग और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहनों का टकराव कम होगा, जिससे सड़क सुरक्षा के मानकों में व्यापक सुधार होगा।

समय की बचत और सुगम आवागमन

वर्तमान में खेरवाड़ा कस्बे से गुजरने में भारी वाहनों को काफी समय लगता है। एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद:

  • फास्ट मूवमेंट: लंबी दूरी के वाहन बिना किसी रुकावट के कस्बे के ऊपर से निकल सकेंगे।
  • स्थानीय राहत: शहर के नीचे की सड़कों पर स्थानीय वाहनों, पैदल यात्रियों और व्यापारियों के लिए पर्याप्त जगह होगी, जिससे यात्रा का समय बचेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी।

मेवाड़ और वागड़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

उदयपुर संभाग के लिए यह हाईवे 'लाइफलाइन' की तरह है। दिल्ली से मुंबई को जोड़ने वाले इस रूट पर खेरवाड़ा एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

  • पर्यटन: उदयपुर आने वाले पर्यटकों के लिए गुजरात की ओर से आना और भी आसान होगा।
  • व्यापार: मालवाहक ट्रकों की आवाजाही तेज होने से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी।

आधुनिक तकनीक और ऊंची संरचना

363.89 करोड़ की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके टेंडर और निर्माण प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। नितिन गडकरी ने विश्वास जताया है कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से राजस्थान में सड़क बुनियादी ढांचे का एक नया अध्याय शुरू होगा।

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रयास से स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिल पाएगी। उन्होंने इस स्वीकृति पर पीएम नरेंद्र मोदी व केंद्रीय मंत्री गडकरी का आभार जताया।