
फाइल फोटो पत्रिका
Mewar Property Dispute : पूर्व राजपरिवार के दिवंगत सदस्य अरविंद सिंह मेवाड़ की अंतिम वसीयत को चुनौती देने वाली याचिका के दस्तावेजों के अध्ययन में मुंबई के डॉ. असीत सेठ का सर्टिफिकेट सामने आया है। यह सर्टिफिकेट 14 मई 2022 की तारीख का है। यह मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार की बेटी पद्मजा कुमारी परमार की ओर से पेश दस्तावेज में शामिल है। पद्मजा ने पिता की संपत्ति के लिए लेटर्स ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (प्रशासन पत्र) की मांग की थी। सर्टिफिकेट में पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्हे शराब का आदी बताया है।
गौरतलब है कि पद्मजा की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने पिछले दिनों खारिज कर दी और भाई लक्ष्यराजसिंह के केस के जवाब के तौर पर संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़ी दलीलें पेश करने की अनुमति दी है। अगली सुनवाई 4 मई को होगी।
पद्मजा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दावा पेश किया था कि बिना वसीयत बनाए पिता अरविंद सिंह की मौत हो गई। हाईकोर्ट ने पद्मजा कुमारी की ओर से पेश तथ्य के आधार फर याचिका को नॉन मेंटेनेबल माना। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने कहा था कि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से पेश वसीयत की वैधता को लेकर विवाद उत्पन्न हो चुका है, इसलिए इस मुद्दे का फैसला उसी कार्यवाही में होगा, जो सिविल मुकदमे की तरह चलेगी।
अदालत ने कहा कि समान मुद्दे पर अलग से कार्यवाही चलाने से कानून की मंशा के विपरीत स्थिति बन सकती है। विरोधाभासी फैसले भी आ सकते हैं इसलिए जब तक भाई लक्ष्यराज सिंह की ओर से पेश वसीयतनामे से संबंधित दावा कोर्ट में लंबित है तब तक कानूनी कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।
वहीं पद्मजा और लक्ष्यराज सिंह की बड़ी बहन भार्गवी कुमारी भी पद्मजा कुमारी के साथ है। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पेश प्रार्थना पत्र में भार्गवी कुमारी ने भी पिता को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया था।
बहनों ने दावा किया कि उन्हें पिता की स्व-अर्जित संपत्तियों में हिस्सा मिलना चाहिए। याचिका में जिन संपत्तियों का उल्लेख किया गया है, उनमें उदयपुर स्थित शिकारबाड़ी की जमीन, मुंबई के मेवाड़ हाउस के छठे माले का आधा हिस्सा और मुंबई स्थित दार्जिलिया हाउस सहित अन्य संपत्तियां शामिल बताई गई है।
Updated on:
05 Apr 2026 12:20 pm
Published on:
05 Apr 2026 12:20 pm
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