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Jail guard on hunger strike: जेल प्रहरी अनशन पर, हालात बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

Jail guard on hunger strike: राज्य सरकार की अनदेखी से आहत प्रदेश के जेल प्रहरी

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Jail guard on hunger strike: जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों के लिए दोहरे नियम अपनाए जाते हैं। जेल के अंदर सुरक्षा संभालने वाले प्रहरियों के वेतन की तुलना में बाहर की सुरक्षा देखने वाले आरएसी जवानों का वेतन ज्यादा है। आरएसी जवानों को सुविधाएं और भत्ते भी ज्यादा मिलते हैं। यही नहीं राजस्थान पुलिस की वेतन शृंखला से भी जेल प्रहरियों को अलग रखा गया है। इसी के विरोध में प्रदेश में जेल प्रहरी अनशन पर है। उदयपुर में भी अनशन के दूसरे दिन शनिवार को जेल प्रहरियों की सेहत बिगड़ती नजर आई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राज्य सरकार की अनदेखी से आहत होकर जेल प्रहरियों ने आंदोलन मैस का बहिष्कार किया है।

जेल प्रहरियों ने बताया कि जेल की बाहरी सुरक्षा में तैनात आरएसी बटालियन के जवानों को 2400 पे ग्रेड मिलती है, जबकि जेल प्रहरियों को 1900 पे ग्रेड दी जाती है, जबकि दोनों की बराबर होनी चाहिए। वर्ष 1998 तक जेल प्रहरियों का पे स्कैल पुलिसकर्मियों के बराबर थी। इसके बाद साल दर साल गिरावट आती गई और अब दोनों के पे स्कैल में बहुत फर्क आ गया है। इसी तरह से राज्य की ही जेल सर्विस में लगे कार्मिकों की तुलना में अन्य विभागों के समकक्ष कार्मिकों का वेतन ज्यादा है। पांच साल पहले सरकार ने समाधान के लिए समझौता किया, लेकिन उसे लागू नहीं किया जा रहा है।

समर्थन में प्रदर्शन

मैस बहिष्कार के चलते जेल प्रहरियों की सेहत में गिरावट आ रही है। उनके समर्थन में महासंघ ने धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। महासंघ एकीकृत जिलाध्यक्ष प्रदीप गर्ग ने कहा कि प्रहरियों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है, जबकि पुलिस कांस्टेबल और प्रहरी की परीक्षा, प्रशिक्षण सामान होते हैं। मुख्य संरक्षक देवीलाल चौधरी, सलाहकार यशवंत पांडेय, शिक्षक संघ प्रदेश सभाध्यक्ष पुष्पराज सिंह शक्तावत सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।