राजस्थान में कांग्रेसजन को विश्वास है कि प्रदेश में इस बार पहली बार सत्ता विरोधी वातावरण नहीं है। इसका श्रेय वे गहलोत सरकार की विभिन्न योजनाओं को देते हैं।
उदयपुर/पत्रिका. राजस्थान में कांग्रेसजन को विश्वास है कि प्रदेश में इस बार पहली बार सत्ता विरोधी वातावरण नहीं है। इसका श्रेय वे गहलोत सरकार की विभिन्न योजनाओं को देते हैं। दूसरी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि घोषणाओं के आधे अधूरे क्रियान्वयन ने सरकार के प्रति जनता की नाराजगी पहले से ज्यादा बढ़ाई है।
राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की 'जन-गण-मन' यात्रा के दूसरे दिन बुधवार कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत में यह बातें सामने आईं। इस दौरान बहुत से लोगों ने कहा कि इस बार दोनों ही पार्टियों से बड़ी संख्या में नए प्रत्याशियों को उतारा जा सकता है। आम लोगों ने कुछ विधायकों की कार्यशैली के प्रति भी निराशा जताई। कोठारी ने बुधवार सुबह अपनी यात्रा भीलवाड़ा से शुरू की। वे भीलवाड़ा से गंगापुर, सहाड़ा, राजसमंद, नाथद्वारा होकर उदयपुर पहुंचे। इस बीच कई जगह सामाजिक संगठनों व प्रबुद्ध नागरिकों ने उनका स्वागत किया। उदयपुर में उन्होंने जिले के विधानसभा क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।
पूर्व सांसद रघुवीरसिंह मीणा, पूर्व राजपरिवार सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मावली विधायक धर्मनारायण जोशी, वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत, पूर्व विधायक रणधीरसिंह भींडर, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़, महापौर जीएस टांक, उपमहापौर पारस सिंघवी, आरएलपी संभागीय अध्यक्ष उदयलाल, सिंधी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष हरीश राजानी, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर ने उनसे मलाकात की।
जनप्रहरियों का मार्गदर्शन
प्रधान संपादक कोठारी से राजस्थान पत्रिका जनप्रहरी अभियान से जुड़े प्रतिभागियों ने भी मुलाकात की। इस मौके पर कोठारी ने कहा कि समाज को देने की भावना से काम करें। बीज खुद को मिट्टी में दफन करता है, उसी से पेड़ बनता है और फल देता है। फल कौन खाएगा, यह बीज को नहीं पता होता। फल खाने की सोच त्यागकर समाज को कुछ देने की भावना से बीज बनें। चर्चा के दौरान जनप्रहरी मदन पंडित, पंकज पालीवाल, भरतकुमार खारोल, विष्णु पटेल, विशाल पटेल, आरसी मेहता, लोकेश गौड आदि मौजूद थे।
राजसमंद में चार विस क्षेत्रों पर मंथन
यात्रा के तहत कोठारी ने राजसमंद, नाथद्वारा, कुम्भलगढ़ और भीम विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा की। राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भीम विधायक सुदर्शनसिंह रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह बारहठ, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिसिंह राठौड़, पूर्व न्यायाधीश डॉ. बसंतीलाल बाबेल आदि से राजसमंद जिले की प्रमुख समस्याओं और विकास की संभावनाओं पर बातचीत की। नाथद्वारा में सरपंच जिला संघ अध्यक्ष संदीप श्रीमाली, गुंजोल सरपंच किशन गायरी, बागोल सरपंच यशवंत श्रीमाली समेत कई लोगों से ग्रामीण विकास पर फीडबैक लिया।
भीलवाड़ा-सहाड़ा की थाह
भीलवाड़ा. कोठारी ने भीलवाड़ा व सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। उन्होंने सांसद सुभाष बहेड़िया, विधायक विट्ठल शंकर अवस्थी, सभापति राकेश पाठक, उद्योगपति रामपाल सोनी से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। विभिन्न समस्याओं एवं विकास की उम्मीदों पर फीडबैक भी लिया। भीलवाड़ा में टेक्सटाइल पार्क हाथ से निकलना, भीलवाड़ा को एक और ओवरब्रिज की जरूरत, टेक्सटाइल क्षेत्र की समस्याएं जानी। इसके बाद कोठारी सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के मुद्दों को जानने के लिए गंगापुर पहुंचे। यहां महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रेखा हिरण व रायपुर के पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष लादूलाल पीतलिया से चर्चा की। इस दौरान सोमिला इंटरनेशनल स्कूल गंगापुर की निदेशक सोनाली अग्रवाल व प्रिंसिपल नूतन गावड़े आदि ने कोठारी का स्वागत किया। भीलवाड़ा में राजस्थान बीज निगम अध्यक्ष धीरज गुर्जर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी, पूर्व विधायक हगामीलाल मेवाड़ा, बदनौर प्रधान ऐश्वर्या रावत ने फीडबैक दिया।