
VIDEO : इन नन्हें कलाकारों की बनाई पेंटिंग्स वाकई देखने लायक है, वीडियो देखिए ...
राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर. कन्या भ्रूण हत्या, समाज में नारी की स्थिति तथा मैं और मेरी मां जैसे विषयों पर रविवार को शहर के 50 स्कूलों के सैकड़ों नन्हें कलाकारों ने अपने मन कल्पनाओं को कोरे कागज पर साकार किया। मौका था नाट्यांश सोसाइटी ऑफ ड्रामेटिक एंड परफोर्मिंग आट्र्स और भारतीय लोक कला मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठें राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता के आयोजन का। संजोयक अमित श्रीमाली ने बताया कि यह प्रतियोगिता अरवाना शॉपिंग सेंटर मे आयोजित हुयी जिसमे चित्रकला प्रतियोगिता में शहर के 50 स्कुलों के लगभग 300 छात्र.छात्राओं ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में 70 प्रतिशत से ज्यादा छात्राओं की भागीदारी रही। प्रतियोगिता को दो वर्गों में बांटा गया।
जूनियर केटेगरी में कक्षा 5 से 8वीं तक के विद्यार्थी तथा सीनियर केटेगरी में कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल रहे। जिन्होंने समाज में नारी-दशा के सजीव चित्रण की बेबाक बानगी पेश की। इन्होंने जीते पुरस्कार जूनियर केटेगरी में प्रथम हर्षिता डांगी, द्वितीय मान्या टिबरेवाल और तृतीय दीया सोनी रहे। इनके अलावा प्रदीप कुमार, माही माली और दक्ष जगेटिया की कृतियों को सांत्वना पुरस्कार योग्य माना गया। सीनियर केटेगरी में प्रथम निशा औदिच्य, द्वितीय कनिषा माथुर और तृतीय स्थान पर राहुल मीना रहे। इस वर्ग में दीया मेहता, मोहम्मद तापिया और किरण सुलाया को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। सभी विजेताओं को निर्णायक चित्रकार डॉ. मनोहर श्रीमाली और कनीज फातिमा ने पुरस्कृत किया।
Published on:
26 Nov 2018 12:28 pm
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