Karvachauth अखंंड सुहाग के लिए कल सुहागिनें रखेंंगी निर्जला व्रत, चंद्र दर्शन के बाद खोलेंगी
Karvachauth कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। इस बार 13 अक्टूबर को करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी के दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस व्रत के दौरान पानी की एक बूंद भी वर्जित मानी गई है, लेकिन इस कठिन व्रत को भी सुहािगन महिलाएं पूरी आस्था और विश्वास के साथ करती हैं। इस दिन महिलाएं सोलह शृंगार कर सजती-संवरती हैं।खास तौर पर सुहागिनों के लिए यह करवा चौथ अखंड सौभाग्य देने वाला है।
इस बार कई शुभ संयोग
पं. जगदीश दिवाकर के अनुसार करवा चौथ पर इस बार कई अच्छे शुभ संयोग हैं। इस दिन रोहिणी और कृतिका नक्षत्र के साथ सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होगा। ऐसे में इस दिन पूजा- अर्चना और व्रत रखने से कई गुना अधिक फल मिलेगा । करवा चौथ के दिन मां पार्वती, भगवान शिव, कार्तिकेय एवं गणेश सहित शिव परिवार का पूजन किया जाता है। मां पार्वती से सुहागिनें अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। इस दिन करवे में जल भरकर कथा सुनी जाती है। महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोलती हैं। शास्त्रों से अनुसार जब पांडव वन-वन भटक रहे थे उस समय भगवान श्री कृष्ण ने द्रौपदी को इस दिव्य व्रत के बारे बताया था। इसी व्रत के प्रताप से द्रौपदी ने अपने सुहाग की लंबी उम्र का वरदान पाया।
सिद्धि योग : 13 अक्टूबर दोपहर 01:55 तक
कृतिका नक्षत्र : 13 अक्टूबर शाम 06:41 तक
रोहिणी नक्षत्र : 13 अक्टूबर शाम 06:41 से 14 अक्टूबर रात 08:47 तक
व्यातिपात योग : 13 अक्टूबर दोपहर 1:54 से 14 अक्टूबर दोपहर 01:57 तक
चंद्रोदय का समय :
13 अक्टूबर : करवा चौथ चंद्रोदय का समय : शाम 8:35 बजे