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भ्रष्टाचार मिल्खा सिंह से भी तेज दौड़ रहा है… सुरेश अलबेला

भ्रष्टाचार मिल्खा सिंह से भी तेज दौड़ रहा है... सुरेश अलबेला फ ोर्टी राजस्थान की ओर से हास्य कवि सम्मेलन अभिनंदन - 2020 का आयोजन  

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भ्रष्टाचार मिल्खा सिंह से भी तेज दौड़ रहा है... सुरेश अलबेला

भ्रष्टाचार मिल्खा सिंह से भी तेज दौड़ रहा है... सुरेश अलबेला

उदयपुर. फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड इंडस्ट्रीज फ ोर्टी की ओर से रविवार को हास्य कवि सम्मेलन 'अभिनंदन 2020Ó सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में हुआ। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में कवियों ने श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।कवि सम्मेलन मेें लाफ्टर किंग सुरेश अलबेला ने अपने चित परिचित अंदाज में कुछ इस तरह की ही पंक्तियां सुना कर श्रोताओं को हंसा- हंसा कर लोटपोट होने पर मजबूर कर दिया। अलबेला ने डीजल के बढ़ते दाम और भ्रष्टाचार पर कटाक्ष करती कविता 'डीजल का दाम जनता का मनोबल तोड़ रहा है, भ्रष्टाचार मिल्खा सिंह से भी तेज दौड़ रहा है...,Ó 'पहले हमदर्दी दिखलाई फि र दरवाजा खोल दिया, अपनी औकात दिखाई ननकाना पर हमला बोल दिया, मोदी अध्याय जोड़ दो भारत की कुर्बानी में,ठोकर से चट्टान हिला दो आग लगा दो पानी में...,Ó सुनाकर श्रोताओ में जोश भर दिया।वीर रस की कविताओं से श्रोताओं में जोश भरते हुए मेरठ के कवि सत्यपाल सत्यन ने 'धरती से पानी निकलेगा अर्जुन जैसा बाण चाहिए, मरघट के मुर्दे उठ जाए ऐसा स्वर में प्राण चाहिए...,Ó सुनाकर खूब तालियां बटोरी।एकमात्र महिला कवयित्री दिल्ली की राधिका मित्तल ने प्रेम गीतों की प्रस्तुति देते हुए 'तमन्ना है यही दिल की तेरा दीदार हो जाए, तुझे देखूं मैं पल भर को तुझी से प्यार हो जाए..., यह मेरा मन सताता है यह मेरा तन सताता है, मिली हूं जब से तुझ से अकेलापन सताता है...,Ó सुनाई।हास्य के रस कवि शाजापुर के दिनेश देसी घी ने अपने व्यंग्य और चुटकुलों के माध्यम से श्रोताओं को खूब हंसाया। साथ ही देशभक्ति का संचार करते हुए 'बखान करूं क्या भारत मां का, गुणगान करूं क्या भारत मां का, मेरी भारत मां की माटी का अंदाज ही निराला है...Ó की प्रस्तुति दी। मंच का संचालन करते हुए कवि राव अजातशत्रु ने अपनी कई रचनाएं सुनाई। अजातशत्रु ने 'ये बोली तो युग बोला, ये गाई तो जग ने गाया, इसने ही आजादी का परचम सीमा पर लहराया, वंदेमातरम बनकर गूंजी और तिरंगा थाम लिया, बिस्मिल, शेखर, भगत सिंह, मंगल पांडे का नाम लिया, क्रांति संस्कारों की धरती करने को आबाद कविता जिन्दाबाद हमारी कविता जिन्दाबाद..., सुनाई। इस दौरान सभागार भारत माता के जयकारों से गूंज उठा।कोटा के कवि अर्जुन अल्हड़ ने भी श्रोताओं को गुदगुदाया।इससे पहले फ ोर्टी राजस्थान के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, मुख्य सचिव महेश काला, ब्रांच को . चेयरमैन प्रवीण सुथार, अध्यक्ष पलाश वैश्य, कार्यक्रम संयोजक सीए निशांत शर्मा, कोषाध्यक्ष नवदीप सिंह नय्यर ने कवियों को शॉल, उपरणा और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सहयोगी के रूप में केसीसीआई अध्यक्ष राजेन्द्र सुराणा, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर मेवाड़ अध्यक्ष चेतन जैन, लॉट्स हाई- टेक इंडस्ट्रीज की भानु प्रिया जैन, एसएसआई अध्यक्ष वाय. एस. सिंघवी, जेएसजी ग्रुप के सुभाष कोठारी, रमन जैन को भी फ ोर्टी पदाधिकारियों की ओर से सम्मानित किया गया।