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मेवाड़ में अगले माह उत्सवों की रहेगी रौनक, कुंभलगढ़ उत्सव 1 दिसंबर से

शहर में आगामी दिनों होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विभागों ने सरकार से कार्यक्रमों की अनुमति मांगी है

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उदयपुर. कोरोना के कारण पिछले साल दिसंबर में होने वाले उत्सवों पर असर पड़ा था। ना तो शिल्पग्राम की रौनक रही थी और ना फ्लावर फे स्टिवल की ही। कुंभलगढ़ उत्सव का भी लोग लुत्फ नहीं उठा पाए थे। लेकिन, इस साल इन उत्सवों की रौनक देखने को मिल सकती है। इसकी शुरुआत कुंभलगढ़ उत्सव के साथ होगी। कुंभलगढ़ महोत्सव का आयोजन 1 दिसंबर से किया जा रहा है। वहीं, दूसरे उत्सवों की भी अनुमति मिल सकती है। दरअसल, कोरोना संक्रमण से राहत के साथ ही सरकार ने सभी पाबंदियों मे छूट देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों में छूट दी है। इसके साथ ही शहर में उत्सवों व मेले के आयोजनों का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में शहर में आगामी दिनों होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विभागों ने सरकार से कार्यक्रमों की अनुमति मांगी है।

पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से हवाला स्थित शिल्पग्राम उत्सव भी संभावित है। साथ ही पर्यटकों के मनोरंजन के लिए विभिन्न जिलों व राज्यों के कलाकारों के ग्रुप भी अपनी कला की प्रस्तुतियां दे रहे हैं। पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशिका किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि आगामी माह दिसंबर में शिल्पग्राम उत्सव के लिए सरकार से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने पर दिसंबर में होने वाला शिल्पग्राम उत्सव इस बार होने की संभावना है। जो सरकार की गाइड लाइन होगी, उसके अनुसार मेले का आयोजन किया जाएगा हालांकि अभी कोई अनुमति नहीं मिली है।


कुंभलगढ़ महोत्सव में कई कार्यक्रमों का होगा आयोजन

राजसमंद. जिले के सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण कुंभलगढ़ उत्सव का शुभारंभ एक दिसम्बर को होगा। तीन दिवसीय उत्सव का आयोजन पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के तत्वावधान में होगा।
क्षेत्रीय कार्यालय पर्यटन की उप निदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि प्रदेश के सांस्कृतिक धरोहर और महाराणा कुम्भा के कला और संगीत को लेकर उत्सव मनाया जाएगा। इसके प्रथम दिन 1 दिसम्बर को समारोह का विधिवत शुम्भारंभ जिला कलक्टर करेंगे। दुर्ग पर 11 से 2 बजे तक पर्यटकों के लिये साफा प्रतियोगिता व लोक नृत्य होंगे। इसमें राजस्थानी लोक कलाकारों की ओर से द्रुपद गायन, दूसरे दिन ओडीसी नृत्य एंव तीसरे दिन राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकारों की ओर से राजस्थानी लोक गायन संगीत प्रस्तुत किए जाएंगे। कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजन को लेकर तैयारी बैठक हुई।