उदयपुर जिले के ब्रह्मपुरी खरसाण गांव में भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत रविवार को भजनों पर नाचते गाते कलश यात्रा निकाली गई। इससे पहले स्थानीय ग्रामीणों के अलावा अन्य जगहों से पहुंचे श्रद्धालु लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचे। यहां बग्गी में भगवान लक्ष्मीनारायण की तस्वीर सजा कर रखी। इसके बाद कलश यात्रा शुरू हुई। कलशयात्रा में शामिल महिलाएं, बालिकाएं डीजे पर बज रहे भजनों पर नाचते हुए शामिल हुई। कलशयात्रा गांव के प्रमुख रास्तों धूनी चौराहा, छोटा मंदिर, आन वरली, ठाकुरजी मंदिर, होली चौक, हनुमान जी मंदिर ,शांति नगर होते हुए मुख्य सड़क भींडर उदयपुर से गुजरते हुए भैरूनाथ मंदिर, बस स्टैंड, जूना कुआं होते हुए अम्बा माताजी के मंदिर पहुंची। यहां टेवटा चौक, महादेव मंदिर होते हुए पुन: मंदिर पहुंची। यहां महाआरती की और प्रसाद वितरण किया गया। कलश यात्रा में करीब दो हजार कलश सिर पर लिए महिलाएं शामिल हुई।श्रद्धालु मेवाड़ी वेशभूषा में पहुंचे।
नानी बाई का मायरा भरने के साथ कथा का समापन
खरसाण. ब्रह्मपुरी खरसाण गांव में भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत आयोजित नानी बाई को मायरो कथा का समापन शनिवार रात को हुआ। कथा वाचक साध्वी अखिलेश्वरी ने बताया कि सत्य अपने आप में सैकड़ों आखों से दिखता है। जो चीज हाथ में है उसकी कद्र कर लो वह वापस नहीं आएगी। कथा में वल्लभनगर विधायक प्रीति शक्तावत सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। छोगालाल गोपावत की ओर से मायरा भरा गया। ग्रामीणों की ओर से मायरा में 11 हजार रुपए भेंट किए। सोमवार को भगवान लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रतिष्ठा महोत्सव का दोहपर 12.15 बजे आयोजन होगा। 3 बजे से महाप्रसादी का आयोजन शुरू होगा।
रामकथा शुरू, ताड़का वध प्रसंग सुनाया
खेरोदा. कस्बे में सनातन धर्म प्रचारक रामायण राम कथा मंडल काशी-प्रयागराज द्वारा नौ दिवसीय राम कथा का आयोजन धर्मराज देवर में शुरू किया। कथावाचक प्रियांशु नंद महाराज शाम 7 से रात 10 बजे तक कथा का वाचन कर रहे हैं। रविवार को महाराज ने ताड़का वध की कथा सुनाई। महाराज ने कहा कि भगवान राम अपने से बड़ों व छोटों का आदर सम्मान करते थे। वैसे ही सभी मनुष्य को करना चाहिए। इससे पहले ग्रामीणों व भक्तों द्वारा भगवान राम की पूजा अर्चना कर कथा की शुरुआत की गई।