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कानून सिर्फ कागजों में, स्कूल-कॉलेज के बाहर खुलेआम बिक रहे तम्बाकू उत्पाद

कानून सिर्फ कागजों में, स्कूल-कॉलेज के बाहर खुलेआम बिक रहे तम्बाकू उत्पाद

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कोर्ट की रोक के बावजूद शिक्षण संस्थानों के बाहर दुकानदार खुलेआम तम्बाकू उत्पाद बेच रहे हैं। दुकानो पर घरेलू सामान के साथ धूम्रपान सामग्री रखी जा रही है। कई स्कूल के छात्रों को तो इनकी लत भी लग चुकी है। कुछ स्कूलों के बाहर तो बेचने संबंधी विज्ञापन भी लगे हुए हैं। लेकिन जिम्मेदार पुलिस, प्रशासन व चिकित्सा विभाग बेपरवाह बने हुए हैं।

राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने कुछ स्कूलों के बाहर लगी दुकानों पर धूम्रपान सामग्री मांगी तो आसानी से उपलब्ध हो गई। स्कूल सामने होने के बावजूद दुकानदार में किसी तरह का कोई खौफ नहीं दिखा। जबकि हाइकोर्ट ने एक आदेश में शिक्षण संस्थाओं के आसपास 500 मीटर के दायरे में पान, बीड़ी, गुटखा तथा शराब आदि दुकानों व उनके बेचान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया हुआ है।

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कानून की उड़ रही धज्जियां

धूम्रपान नियंत्रण के लिए वर्ष 2003 में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम कोटपा बनाया गया। इसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते हुए पाए जाने पर न्यूनतम 200 से लेकर 10 हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही सभी विक्रेताओं को खुलेआम तम्बाकू सामग्री बेचने व प्रदर्शन करने पर रोक लगाई गई है। लेकिन शहर में इसकी कहीं पालना नहीं हो रही।

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शिक्षण संस्थानों के पास बिक रहा गुटखा- सिगरेट

शिक्षण संस्थानों के बाहर बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू, गुटखा खुलेआम बिक रहा है। नियमानुसार सभी शैक्षणिक संस्थानों ने बाउंड्री के बाहर इसकी सूचना भी नहीं लगा रखी है।
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कार्रवाई पर नहीं जोर
कोटपा एक्ट की सख्ती से पालना को लेकर शहर में कोई जोर नहीं है। बीते एक वर्ष में स्कूलों के बाहर धूम्रपान निषेध को जिम्मेदारों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इसी के चलते यह सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है।
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केस-1

स्थान - सवीनाखेड़ा मठ मार्ग

भूपालपुरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के सामने ही किराणा की दुकान है। यहां संवाददाता ने सिगरेट व गुटखे की मांग की तो दुकानदार ने घरेलू सामान के बीच में से निकालकर दे दिया। दुकानदार को जब संवाददाता का पता चला उसने तुरंत ही सिगरेट के पैकेट को गायब कर दिया।

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केस-2

स्थान - गोवद्र्धनविलास

गोवद्र्धनविलास मार्ग पर एक निजी स्कूल के निकट ही दुकानदार ने धूम्रपान के सामान की दुकान लगा रखी थी। उसे शिक्षण संस्था, स्कूल, कॉलेज व बच्चों से कोई वास्ता नहीं। दुकानदार ने कहा कि वह घर पर नहीं बनाता है। सरकार से अधिकृत कंपनियों से ही खरीदकर बेच रहा है, प्रतिबंध लगाना है तो सरकार पहले उन पर लगाए।

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कोटपा एक्ट में सालभर में कार्रवाई - 136

जब्ती सामग्री - बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू