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हरियाणा निर्मित शराब की गुजरात तक तस्करी के अलग-अलग तरीकों के बीच अनुबंधित रोडवेज बसों में तस्करी का पैंतरा भी सामने आया है। तस्करों की ओर से आसान रास्ता मानते हुए नए पैंतरे से आसानी से गुजरात तक शराब पहुंचाई जा रही है। इसी के तहत मंगलवार शाम को रोडवेज के उदयपुर डिपो पर एक अनुबंधित बस में शराब मिली।
सूरजपोल थानाधिकारी दलपतसिंह ने बताया कि जयपुर से बड़ौदा जा रही अनुबंधित बस में आठ कर्टन शराब पकड़ी, इसमें चार कैरेट बीयर और चार कर्टन अलग-अलग ब्रांड की शराब मिली। ड्राइवर ने शराब को डिग्गी में छिपा रखी थी। मंगलवार शाम 8.15 बजे उदयपुर डिपो पर पहुंची बस में शराब तस्करी होना सामने आने पर पुलिस के साथ ही रोडवेज के अधिकारी भी अलर्ट हो गए।
रोडवेज के ब्यावर प्रबंधन की ओर से उदयपुर रोडवेज आगार को सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया। सूचना पर पुलिस बल भी बस स्टैंड पर पहुंचा, जहां बस के आते ही पुलिस ने चालक हुरिया खेड़ा कला जावाजा अजमेर निवासी मोहनसिंह पुत्र करणसिंह रावत को दबोच लिया और शराब जब्त कर ली। यह बस लम्बे समय से जयपुर से बड़ौदा तक चलती है। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी अवैध शराब पकड़ी गई है तो पूर्व में भी तस्करी होती रही होगी।
यह है अनुबंधित बसों का काम
रोडवेज में संसाधन की कमी के कारण निजी फर्म से बसें अनुबंध पर ली जाती है। इनमें चालक निजी फर्म का होता है, जबकि कंडक्टर रोडवेजकर्मी ही होता है। रोडवेज में इस तरह के निजीकरण के कारण शराब तस्करी जैसे खतरे भी बढ़े हैं।
पहले सायरा में पकड़ी गई
उदयपुर में कार्रवाई से पहले सायरा में एक अनुबंधित बस में शराब तस्करी होना पाया गया था। उस दरमियान भी संबंधित बस चालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। उदयपुर आगार पर बस में तस्करी का डोडा चूरा भी पकड़ा जा चुका है।
Published on:
12 Oct 2022 01:15 am
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