
कहते हैं कि बच्चों में भगवान होता है। धर्म और मजहब से बेखबर उनकी आंखें केवल इंसानियत के रिश्तों को पहचानती है। रिश्तों की एेसी ही एक डोर से बंधी हुई सात साल की अंबर ने महाराणा भूपाल चिकित्सालय परिसर में 'बेसहारों का मसीहा' कहे जाने वाले लंबू उर्फ अजीत राय की हालत में सुधार के लिए शुक्रवार को विशेष रोजा रखा।
अलसुबह से भूखी-प्यासी रही खांजीपीर निवासी अंबर पुत्री अतीक खान ने लंबू की स्वास्थ्य कामना के लिए दिन में पांच बार नमाज अदा की। शाम को सूर्यास्त के बाद रोजा खोला। लंबू की जिंदगी के लिए मासूम अंबर ने परिजनों से भी दुआएं मांगने की उम्मीद जताई।
अंबर के पिता अतीक बताते हैं कि रिश्तेदारी में क्रिटिकल प्रसव के दौरान लंबू से उसकी मुलाकात हॉस्पिटल में ही हुई थी। मुसीबत के समय लंबू की यह मदद बच्ची को याद थी। उसने जब लंबू के झुलसने की सूचना परिवार को दी तो बच्ची ने सुन लिया और उसके स्वास्थ्य सुधार को लेकर रोजा रखा।
इधर, चिकित्सालय के आईसीयू वार्ड में शिफ्ट हुए लंबू की हालत में सुधार है। विद्युत फॉल्ट सुधारते समय स्पार्किंग से मुंह झुलसने से प्रभावित हुई आंखों के कारण फिलहाल लंबू को देखने में कुछ तकलीफ हो रही है। दूसरी ओर, लंबू की सेवा भावना से प्रभावित लोगों का कुशलक्षेम पूछने आने का सिलसिला जारी है।
इधर, पूजा-अर्चना
इधर, लंबू के चहेतों की ओर से हॉस्पिटल के समीप शिव मंदिर में पूजा की। सत्यपाल सिंह, विक्रम सिंह, शंकर राव, दीपक कुमावत, भरत मेनारिया सहित अन्य लोगों ने लंबू के स्वास्थ्य सुधार की कामना को लेकर धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया।
Published on:
18 Jun 2016 12:36 pm
