मार्बल व ग्रेनाइट उद्योग को जीएसटी के तहत 28 प्रतिशत के दायरे में रखने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी के विरोध में मार्बल व्यावसायियों ने आंदोलन की रणनीति बनाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय किया है।
मार्बल व ग्रेनाइट उद्योग को जीएसटी के तहत 28 प्रतिशत के दायरे में रखने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी के विरोध में मार्बल व्यावसायियों ने आंदोलन की रणनीति बनाते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय किया है।
यूसीसीआई सभागार में सोमवार को हुई राजस्थान व गुजरात के मार्बल एसोसिएशन की बैठक में उदयपुर-राजसमंद के अलावा चित्तौडग़ढ़, किशनगढ़, मकराना, आबूरोड आदि क्षेत्रों के व्यवसायी मौजूद थे।। इस बैठक में 29 जून को सरकार से एक बार फिर मांग माने जाने का ज्ञापन कलक्टर को सौंपा जाएगा। इसके बाद भी मार्बल को 18 प्रतिशत के दायरे में नहीं लेने पर एक जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। हड़ताल में मार्बल से संबंधित सभी कार्य बंद रहेंगे।
उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति व उदयपुर मार्बल एसोसिएशन के तहत सोमवार को राजस्थान व गुजरात के मार्बल एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक हुई। करीब दो घंटे चली बैठक में प्रदेश के कई जिलों से मार्बल, ग्रेनाइट, माइनिंग व गेंगसा यूनिट एसोसिएशन व गुजरात मार्बल एंड ग्रेनाईट एसोसिएशन के पदाधिकारी व पालनपुर स्टोन फाउंडेशन के पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ अपने तर्क रखे। निर्णय लिया गया कि सरकार अपना फैसला नहीं बदलती है तो हड़ताल होगी। व्यापारिययों ने कहा कि वे जीएसटी के विरोध में नहीं है, जरुरत मार्बल उद्योग को 18 प्रतिशत के दायरे में लाने की है। यूसीसीआई के साथ मिलकर ऑल इंडिया मार्बल व ग्रेनाइट एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया गया। हड़ताल पर रहने के बाद पांच जुलाई को समीक्षा बैठक रखी गई है।