
उदयपुर. अक्टूबर में दो महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएं होने जा रही हैं। पहली खगोलीय घटना में मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा और दूसरी घटना ब्लू मून की होगी। ये दोनों ही घटनाएं वैज्ञानिक अध्ययन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उदयपुर के बीएन विवि में दोनों घटनाओं का वैज्ञानिक प्रेक्षण किया जाएगा। जो खगोलीय घटनाओं में रुचि रखते हैं, वे इनको देखने से चूकना नहीं चाहेंगे।
मंगल 6 को करीब, ब्लू मून 31 को
सदी में यह तीसरा अवसर है, जब मंगल पृथ्वी के करीब आया है। आने वाले 6 अक्टूबर को रोमांचक घटना होगी, जब यह धरती के सर्वाधिक नजदीक होगा। यानी इसकी दूरी 62.07 मिलियन किलोमीटर होगी। इस दौरान मंगल अधिक चमकीला और लाल दिखाई देगा। इसे लोग आसानी से देख पाएंगे। इससे पूर्व 2003 में मंगल या लाल ग्रह 60 हजार साल बाद पृथ्वी के सबसे करीब आया था। इसके बाद 2018 में दूसरी बार यह पृथ्वी के पास था। अब यह तीसरा अवसर है, जब वह नजदीक पहुंच रहा है। इसके अलावा एक अन्य खूबसूरत नजारा ब्लू मून का देखने को मिलेगा। यह घटना 31 अक्टूबर को होगी। माह में दो पूर्णिमा और दूसरी पूर्णिमा के चंद्रमा को ब्लू मून कहा जाता है। ब्लू मून का दृश्य अगले 19 साल तक नहीं बनेगा।
सिंटिलेशन डिटेक्टर से प्रेक्षण
बीएन विवि के भौतिक विज्ञान विभाग में दोनों महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए गुरुवार से सिंटिलेशन संसूचक डिटेक्टर के द्वारा प्रेक्षण (ऑब्जर्वेशन) शुरू कर दिया गया है। यह वैज्ञानिक अध्ययन उच्चस्तरीय होगा, क्योंकि संसूचक आसानी से द्वितीयक गामा किरणों को संसूचित कर सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पारीक ने बताया कि यह प्रेक्षण डीन डॉ. रेणु राठौड़ के निर्देशन में किया गया है। इससे पूर्व 31 जुलाई 2018 को मंगल ग्रह करीब आया था तब भी प्रेक्षण लिए गए थे। तब आंकड़ों के विश्लेषण करने के बाद ज्ञात हुआ था कि द्वितीयक गामा किरणों के फलवस में सामान्य दिनों की तुलना में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
Published on:
03 Oct 2020 07:04 pm
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