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बाल चिकित्सालय में अब बच्चों का सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक, डॉ.अंकल वहीं करेंगे सभी बीमारियों का उपचार

बाल चिकित्सालय में अब बच्चों का सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक, डॉ.अंकल वहीं करेंगे सभी बीमारियों का उपचार

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बाल चिकित्सालय में अब बच्चों का सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक, डॉ.अंकल वहीं करेंगे सभी बीमारियों का उपचार

बाल चिकित्सालय में अब बच्चों का सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक, डॉ.अंकल वहीं करेंगे सभी बीमारियों का उपचार

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
बच्चों को किसी भी तरह की बीमारी होने पर अब परिजनों को उन्हें महाराणा भूपाल चिकित्सालय में लगे विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास दौडऩा नहीं पड़ेगा। बाल चिकित्सालय में ही उन्हें बाल विशेषज्ञ डॉक्टर अंकल देखेेंगे, वहीं पर वे उनकी जांच भी करेंगे, परामर्श के साथ वहीं पर उनका उपचार भी देगें। इसके लिए चिकित्सालय में बच्चों के लिए सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक खोला गया है, जहां अलग-अलग दिन विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देगें। इसको लेकर अभी बाल चिकित्सक प्रशिक्षण ले रहे है वहीं अपनी-अपनी विंग में मशीनें व उपकरण लगाने की तैयारी कर रहे है।
बाल चिकित्सालय में प्रतिदिन 24 घंटे में 500 से ज्यादा बच्चों की ओपीडी होती है। सीनियर व जूनियर चिकित्सकों के देखने के बाद अगर किसी बच्चे में संबंधित रोग के लक्षण पाए जाते है तो चिकित्सक अब तक उन्हें एमबी चिकित्सालय के चिकित्सकों के पास रेफर कर रहे थे। वे चिकित्सक बड़ों के साथ ही बच्चों को भी देख रहे थे, इससे व्यस्क लोगों के साथ ही बच्चों के उपचार को उन्हें भी काफी दिक्कतें आ रही थी। सर्वाधिक परेशानी कार्डियोलॉजी, नेफ्रालॉजी, न्यूरो, अस्थमा जैसे रोगों में देखने को मिलती थी। इन सब परेशानियों को देखते हुए अब बाल चिकित्सालय में ही बच्चों के सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक की शुरूआत की गई है। प्रति दिन बाल चिकित्सालय के ही अलग-अलग चिकित्सक अपनी-अपनी विंग में उपचार, जांच, परामर्श सभी देगें।
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10 से 12 बजे का रहेगा समय
बाल चिकित्सा विभाग में अति विशिष्ट सेवाएं (सुपर स्पेशलियटी क्लीनिक) में सुबह 10 से 12 बजे तक कमरा नम्बर 504 एवं ओपीडी नम्बर-3 में यह सेवाए दी जाएगी।
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इस दिन ये चिकित्सक, इस रोग की देगें सेवाएं
1 - सोमवार - (फोलोअप न्यू बोन क्लिीनिक) डॉ.सुरेश गोयल/डॉ.अनुराधा सनाढ्य
- शुक्रवार - डॉ. विवेक अरोरा/डॉ. सुरेश चव्हान
यहां पर एनआईसीयू में उपचार के बाद सभी शिशुओं को फोलोअप के रूप में इलाज किया जाएगा। यहां पर आरओपी, ओएई, अरली इंटरवेंशन, इम्यूनाइजेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
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2- सोमवार- एन्डोक्रिनोलॉजी- डॉ.बी.एल.मेघवाल/डॉ.बहादुरसिंह
टाइप-1 डायबिटीज बाल मरीजों को इलाज एवं उनकी स्कीनिंग की जाएगी। लम्बाई नहीं बढऩा आदी हार्मोन रोगोंं का परामर्श दिया जाएगा।
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3- मंगलवार- न्यूरोलॉजी एंड चाइल्ड साइकोलॉजी क्लिीनिक
डॉ.लाखन पोसवाल/ डॉ.भूपेश जैन
यहां पर सभी प्रकार के न्यूरो संबंधित रोगों का परामर्श एवं इलाज जाएगा। चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट हर्षिता पंचोली की काउन्सलिंग के साथ ही मानसिक विकास (डवलपमेंट एसेसमेंट)भी करेगी। इस विंग में एमआरआई, ईईजी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। डॉ.लाखन पोसवाल रेयर डिजीच केस में परामर्श भी देगें।
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4-मंगलवार (कार्डियालॉजी क्लिीनिक) डॉ.राजेन्द्र चंदेल/डॉ.कमलेश बामनिया
इस विंग में इको की सुविधा उपलब्ध होगी, यहां पर नवजात शिशु में जन्मजात ह्दय विकार का परामर्श में दिया जाएगा।

5- बुधवार - (नेफ्रालॉजी एवं एमटीसी क्लिीनिक) डॉ.आर.एल.सुमन/डॉ.नीतू बेनीवाल
इस विंग में हिमो डायलिसिस की सुविधा जल्द प्रारम्भ की जाएगी। अभी पी डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ कुपोषित बच्चों के फोलोअप परामर्श भी किया जाएगा।
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6-बुधवार- (रेसपीरेट्री क्लिीनिक) डॉ. मोहम्मद आसीफ/ डॉ. निशांत डांगी
यहां अस्थमा एवं एलर्जी क्लिीनिक चलाया जाएगा। जहां पर बच्चों में अस्थमा एवं लम्बी खांसी से पीडि़त बच्चों को परामर्श एवं इनहलेशन थैरेपी का परामर्श दिया जाएगा।
इस विंग में एलर्जी टेस्ंिटग की सुविधा उपलब्ध होगी। एलर्जी टेस्ंिटग का आधुनिक तरीका एसपीटी (स्क्रीन प्रीक टेस्ट) के द्वारा किया जाएगा उदयपुर शहर में सर्वप्रथम शुरू किया गया है। यहां पर स्पाइरोमेट्री की सुविधा जल्द ही शुरू की जाएगी। इस विंग में तैनात अस्थमा एवं एलर्जी क्लिीनिक के इंजार्च डॉ.आसिफ संभाग के पहले पीड्रीटिक अस्थमा एलर्जी सर्टिफाइड चिकित्सक है।
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बाल चिकित्सालय में सुपरस्पेशलिटी क्लिीनिक की व्यवस्था की गई है। बाल चिकित्सालय में तैनात अलग-अलग रोग के विशेषज्ञ अपनी सेवाएं देगें। इस काम के लिए वे अभी प्रशिक्षण ले रहे है, मशीन व उपकरण लगाए जा रहे है। गंभीर बीमारी या उसकी आशंका में अब तक यह व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को एमबी चिकित्सालय में बड़ों के चिकित्सकों के पास रेफर करना पड़ रहा था।
डॉ.लाखन पोसवाल, आरएनटी मेडिकल कॉलेज प्राचार्य
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बाल चिकित्सालय की स्थिति
- बाल चिकित्सालय में कुल बेड - 325
-24 घंटे में ओपीडी- करीब 500
- कुल चिकित्सक- सीनियर व जूनियर-11
- कुल सीनियर रेजीडेंट- 5
- कुल रेजीडेंट-23
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