Patrika Menar Bird Festival : राजस्थान पत्रिका का स्थापना दिवस, सुबह 8 बजे से होगा रजिस्ट्रेशन
मेनार उदयपुर. बर्ड विलेज मेनार में मंगलवार को पक्षियों की दुनिया देखने वालों का मेला रहेगा। सुबह से ही मेनार में पक्षी प्रेमियों का आना शुरू हो गया है। वहां मेले सा माहौल है। Patrika Menar Bird Festival पत्रिका मेनार बर्ड फेस्टिवल का विधिवत उद्घाटन सुबह दस बजे महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन के ट्रस्टी लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ करेंगे। कार्यक्रम में जर्नादनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एस.एस. सांरगदेवोत व मुख्य वन संरक्षक आर.के. सिंह सहित कई अधिकारी व प्रमुख लोग रहेंगे।
फेस्टिवल में शहर से लेकर गांव तक से आने वाले पक्षियों के कलरव के बीच उनको निहारने, उनके बारे में जानने और अपने कैमरें में कैद करेंगे। स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी भी आएंगे। राजस्थान पत्रिका के स्थापना दिवस के उपलक्ष में मंगलवार को बर्ड विलेज मेनार में पत्रिका मेनार बर्ड फेस्टिवल का शुभारंभ होगा। सोमवार की शाम को आयोजकों, पक्षीप्रेमियों व ग्रामीणों ने फेस्टिवल को अंतिम रूप दिया। मेनार में सुबह 8 बजे से फेस्टिवल में रजिस्ट्रेशन शुरू होगा और बाद में मेवाड़ इसका शुभारंभ करेंगे। बाद वे व अन्य अतिथि बर्ड वॉचिंग में हिस्सा लेंगे। बर्ड वांचिंग के साथ 'कुछ कदम पक्षियों के लिए' थीम पर जागरूकता रैली भी होगी।
वन विभाग हुआ सक्रिय
इधर, वन विभाग भी फेस्टिवल को लेकर सक्रिय हो गया है और सकारात्मक रूख के साथ आगे आया है। वन संरक्षक आर.के. जैन ने शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं फील्ड स्टाफ को बर्ड फेयर को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वन मंडल उत्तर के स्थानीय अधिकारी एवं भींडर रेंज के स्थानीय अधिकारियों ने मंगलवार के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी की।
एक्सपट्र्स दिखाएंगे परिंदों की रंगीन दुनिया
इस आयोजन के तहत विद्यार्थियों और आम जनों को आज मंगलवार सुबह पक्षी दर्शन कार्यक्रम के तहत परिंदों की रंगीन दुनिया से रूबरू करवाया जाएगा। इसमें मेनार मुख्यालय व आसपास के पंजीकरण करवा चुके स्कूलों से कक्षा 9 से 11 तक की कक्षा के लगभग 300 विद्यार्थियों को मेनार तालाब में जलक्रीड़ा करने वाले स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों को दिखाया जाएगा। कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से बायनाकूलर्स और स्पोटिंग स्कॉप मंगवाएं गए हैं जिनके माध्यम से विशेषज्ञ विद्यार्थियों को रंग-बिरंगे पक्षियों और उनकी जलक्रीड़ाओं को दिखाते हुए उनकी विशेषताओं के बारे में बताएंगे। बर्डवॉचिंग करवाई जाएगी।
तितलियों के जीवनचक्र का होगा जीवंत प्रदर्शन
बर्ड फेस्टिवल में फोटो प्रदर्शनी भी लगेगी। पहली बार छ: तितलियों के जीवन चक्र का लाईव प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह प्रदर्शन तितलियों पर शोध कर रहे डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा कस्बे के तितली विशेषज्ञ मुकेश पंवार व शर्मिला पंवार द्वारा दिखाया जाएगा। प्रतियोगिता स्थल पर तितलियों के जीवनचक्र के फोटोग्राफ्स के साथ होस्ट प्लांट पर अण्डे, लार्वा व प्यूपा का लाईव प्रदर्शन किया जाएगा। इन एक्सपर्ट द्वारा बच्चों व अतिथियों को तितलियों के जीवनचक्र के बारे में जानकारी दी जाएगी। वही इस दौरान तितलियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
डाक टिकटों पर दिखेगा परिंदों का संसार
प्रदर्शनी स्थल पर विश्वभर में पक्षियों पर जारी किए गए डाक टिकटों की प्रदर्शनी भी विशेष आकर्षण का केन्द्र रहेगी। इस प्रदर्शनी के तहत उदयपुर की डाक टिकट संग्रहकत्र्ता पुष्पा खमेसरा द्वारा भारत सहित विश्व के 302 से अधिक देशों द्वारा जारी किए गए 8000 से अधिक डाक टिकटों को प्रदर्शित किया जाएगा