
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर . राज्य विधानासभा के आगामी चुनाव के लिए बूथ स्तर तक की तैयारियां करने वाली कांग्रेस के लिए ज्यादातर बड़े नेताओं के हाल यह है कि उन्हें अपने बूथ का नंबर ही मालूम नहीं है। उदयपुर में गुरुवार को बूथ स्तर की तैयारियों के लिए हुए संभागीय सम्मेलन में भरवाए गए फॉर्म में कई बड़े नेताओं के फॉर्म में बूथ नंबर का कॉलम ही खाली है।
कांग्रेस ने मेरा बूथ-मेरा गौरव अभियान शुरू किया जिसका सीधा सा मतलब है कि पूरा बूथ अंगुलियों पर और बूथ जीत जाएंगे तो चुनाव भी लेकिन हकीकत यह है कि कार्यकर्ता होकर जाजम उठाकर नेता और जनप्रतनिधि बने कई नामी चेहरों को यह पता नहीं कि उनका बूथ नंबर क्या है। सम्मेलन के दौरान कुछ पूर्व प्रधान, पूर्व उप प्रधान, ब्लॉक अध्यक्ष , जिला पदधिकारी, निकायों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच आदि जो कांग्रेस पार्टी में नीचे से इन पदों तक पहुंचे और आज पार्टी में उनके क्षेत्र में वे प्रभावी नेता है लेकिन उनका बूथ नंबर ही उनको पता नहीं, पत्रिका ने मौके पर पंजीकरण प्रक्रिया को समझा और देखा तो अधिकांश पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पंजीयन फॉर्म तो भरा लेकिन उसमें बूथ संख्या का कॉलम खाली ही छोड़ दिया, करीब 2500 से 3000 पंजीयन फॉर्म में से गिनती के लोगों ने उस कॉलम को भरा।
बदलेगा जब बदलेगा वर्तमान तो भरो
एक पदाधिकारी ने बूथ नंबर का कॉलम खाली छोड़ा तो पास वाले ने टोका कि नंबर याद नहीं है क्या तो उसका जवाब था कि बूथ नंबर बदल जाएगा तो उसने कहा बदलेगा तब बदलेगा अभी जो है वह तो भरो लेकिन सच्चाई यह थी कि उसे अभी का बूथ नंबर याद नहीं था।
कांग्रेस भी चिन्ह्ति करेगी ऐसे चेहरे
कांग्रेस के राजस्थान सह प्रभारी तरुण कुमार ने सम्मेलन में पंजीयन फॉर्म भरवाने की जिम्मेदारी पदाधिकारियों को दी, अब इन फॉर्म से एक्शल शीट में डाटा तैयार किया जाएगा जिसमें यह तस्वीर भी सामने आ जाएगी कि कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को उनका बूथ नंबर पता नहीं है, इसमें कुछ ऐसे भी है जो इस चुनाव में दावेदारी जता रहे है।
अब बूथ पर कसरत करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने इस सम्मेलन के जरिए बूथ को हर कार्यकर्ता का गौरव बनाने के लिए बूथ को मजबूत बनाने की कसरत करेगी। बूथ के कार्यकर्ताओं को पूरे बूथ की हर जानकारी उनके टिप्स पर हो इस तरह उनको तैयार किया जाएगा, इसके अलावा सक्रिय पदाधिकारियों की भी बूथ को लेकर अलग-अलग तरह से परीक्षा ली जाएगी कि वे बूथ को लेकर कितने समर्पित और सक्रिय है।
नेताजी की कुछ बानगी यहां देखिए
- बांसवाड़ा के एक पार्षद ने पंजीयन फॉर्म पर तो यह लिख दिया कि वह पार्षद है लेकिन उनको बूथ नंबर पता नहीं था।
- डूंगरपुर से आने वाले एक पूर्व विधायक को भी बूथ नंबर पता नहीं।
- एक पूर्व विधायक ने भी बूथ नंबर नहीं भरा, किसी ने काउंटर पर तंज कसा तो उन्होंने अपने साथियों को पूछकर बूथ नंबर भरा।
- झाड़ोल क्षेत्र के एक बड़े नेता ने बूथ नंबर के कॉलम में वार्ड नंबर भर दिया।
- डूंगरपुर के एक पूर्व जिला प्रमुख ने भी बूथ नंबर खाली छोड़ा।
- देहात कांग्रेस के एक किसान नेता ने भी बूथ नंबर नहीं भरा।
- शहर कांग्रेस के एक युवा नेता को भी बूथ नंबर पता नहीं था।
इनका कहना है...
राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट बूथ पर फोकस करने के लिए ही तो यह अभियान शुरू किया है। पार्टी की पूरी मंशा है कि बूथ को मजबूत करना है, इसके बाद ही आगे दूसरी सफलता मिलेगी। बूथ नंबर याद रखने की बात हो या बूथ की पूरी गणित हमारे पदाधिकारियों के टिप्स पर हो इसकी पूरी कसरत सब मिलकर कर रहे है।
- लालसिंह झाला, अध्यक्ष कांग्रेस देहात
पार्टी इस अभियान के साथ ही सबसे पहले अब बूथ को मजबूत करने को लगी है। हम बूथ को मजबूत और बूथ की टीम को भी सशक्त बनाएंगे।
- गोपाल शर्मा, अध्यक्ष शहर कांग्रेस
Published on:
28 Apr 2018 12:20 pm
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