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आज से तीन दिन तक भंवर म्हाने पूजण द्यो गणगौर…, मेवाड़ महोत्सव का होगा आगाज

26 तक गणगौर घाट पर दिखेगी गणगौर की धूम, समाजों की निकलेंगी सवारियां, पर्यटन विभाग की ओर से मेवाड़ महोत्सव का आयोजन 24 से 26 तक

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खेलण द्यो गणगौर...भंवर म्हाने पूजण द्यो गणगौर... जैसे गीत अगले तीन दिनों तक मेवाड़ की फिजाओं में गूंजेंगे। गणगौर पूजा हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है। इस बार शुक्रवार को गणगौर उत्सव मनाया जाएगा। इस दिन कुंवारी कन्या और सुहागन महिलाएं व्रत रखेंगी। सज-धज कर मां पार्वती व भगवान शिव का रूप गणगौर, ईसर की प्रतिमाओं को लेकर घाट पर पहुंचेंगी और पूजा करेंगी। परंपरा व संस्कृति के उत्सव के इस मौके पर जिला प्रशासन व पर्यटन विभाग की ओर से मेवाड़ महोत्सव का आयोजन 24 से 26 मार्च तक होगा।

निकलेंगी पारम्परिक गणगौर की सवारियां

पर्यटन विभाग की उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि पर्यटन विभाग की ओर से महोत्सव की तैयारियां की जा चुकी हैं। महोत्सव के दौरान 24 से 26 तक उदयपुर के गाणगौर घाट पर और गोगुंदा में ग्रामीण गणगौर मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सांस्कृतिक संध्या और विविध प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें विदेशी पर्यटकों के लिए विदेशी जोड़ी पोशाक प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र होगी।

चारों दिन अलग-अलग रंगों में सजेगी गणगौर

गणगौर के चारों दिन अलग-अलग रंगों में गणगौर को सजाया जाता है। पहले दिन लाल रंग में, दूसरे दिन हरे रंग में, तीसरे दिन गुलाबी साड़ी-लहंगे में गणगौर को सजाया जाता है। चौथा दिन राजघराने की परम्परा के अनुसार भूपालशाही गणगौर का होता है। कहीं-कहीं इसे केसरिया रंग में सजाया जाता है। गणगौर के वस्त्रों का जितना महत्व होता है, उतना ही गहनों का भी। गणगौर को एक दुल्हन की तरह ही शृंगारित किया जाता है। नख से लेकर शिख तक के गहनों से उन्हें ऐसा सजाया जाता है कि प्रतिमाओं की खूबसूरती बयां करना मुश्किल हो जाता है।

विदेशी भी बनेंगे हिस्सा

पहले इस महोत्सव में केवल स्थानीय लोग भी हिस्सा लेते थे, पर इस उत्सव की ख्याति व विशेषता के कारण विदेशी सैलानी भी इसके प्रति आकर्षित होने लगे। धीरे-धीरे वे भी महोत्सव का हिस्सा बन गए। उन्हें इस महोत्सव का हिस्सा बनाने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाने लगा। पुरस्कार भी घोषित किए गए। विदेशी सैलानियों के लिए यह एक अलग व अनोखा अनुभव होता है।

ये होंगे कार्यक्रम -

24 मार्च - गणगौर शोभायात्रा - शाम 4 से 6 बजे - घंटाघर से गणगौर घाट

रॉयल गणगौर नाव शोभायात्रा - शाम 4 से 6 बजे - बंसी घाट से गणगौर घाट

सांस्कृतिक कार्यक्रम व आतिशबाजी - शाम 7 बजे से गणगौर घाट

25 मार्च - विदेशी जोड़ी पोशाक प्रतियोगिता व सांस्कृतिक संध्या - शाम 7 बजे से गणगौर घाट

24 से 26 मार्च - ग्रामीण गणगौर मेला, सांस्कृतिक संध्या, ग्रामीण हाट बाजार, गणगौर शोभायात्रा- शाम 7 बजे से मेला ग्राउंड - गोगुंदा


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